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कबूतरबाजों के झांसे में आकर मलेशिया में कैद रहे औरंगाबाद के आठ युवा
अमर उजाला ब्यूरो, औरंगाबाद
Updated Tue, 12 Jun 2018 12:13 PM IST
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औरंगाबाद के आठ युवकों को मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर कबूतरबाजों ने मोटी रकम तो ऐंठ ली, लेकिन जब उन्हें मलेशिया भेजा गया तो उनके पास कोई ऑफर लेटर नहीं था और न ही कंपनी का वीजा। जिस वीजा के जरिए वे मलेशिया तक पहुंचे, वह टूरिस्ट वीजा निकला। ऐसे में इन युवकों को एयरपोर्ट पर एक दिन पुलिस कस्टडी में रहना पड़ा फिर अगले दिन उन्हें भारत भेजा गया। पीड़ितों ने रुपये ऐंठकर मलेशिया भेजने वालों के खिलाफ एसएसपी कार्यालय पर तहरीर दी है।
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औरंगाबाद निवासी हसमुद्दीन, वाहिद, शारिक, शाकिर, शहनवाज, दानिश, फिरोज, मोहब्बत और कामरान ने बताया कि पिछले दिनों बुलंदशहर निवासी शाहिद ने उन्हें विदेश में नौकरी करने के सुनहरे सपने दिखाए। तय हुआ कि मलेशिया में वैक्यूम क्लीनर के पुर्जे बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी में 32 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी पर नौकरी मिलेगी। इनका काम कलपुर्जों की पैकिंग करना होगा। सभी लोग उसके झांसे में आ गए।
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आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर शाहिद ने 70 हजार से एक लाख रुपये तक प्रति व्यक्ति वसूल कर लिए। इस दौरान सभी ने अपने पासपोर्ट भी बनवा लिए। शाहिद ने आठों युवकों को ट्रेन से चेन्नई भेजा। वहां इनकी मुलाकात इमरान नाम के शख्स से हुई। इमरान ने फ्लाइट के टिकट और वीजा दे दिया। युवकों ने कंपनी का जॉब ऑफर लैटर मांगा तो इमरान ने कह दिया कि जैसे ही वह मलेशिया एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे तो उन्हें कंपनी का अधिकारी रिसीव करके सारे कागजात मुहैया करा देगा।
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पीड़ित हसमुद्दीन के मुताबिक, वह चेन्नई से फ्लाइट से मलेशिया पहुंचे। एयरपोर्ट पहुंचने पर जानकारी हुई कि वह टूरिस्ट वीजा से आए हैं। एयरपोर्ट अफसरों ने कहा कि यदि वह टूरिस्ट वीजा पर आए हैं तो अपने पास मौजूद रकम की डिटेल्स दें, जिससे यह पुष्टि हो सके कि वह वाकई घूमने के लिए आए हैं। आठों युवकों के पास न तो ज्यादा पैसे थे और न ही कंपनी का वीजा, इसलिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आठों को कस्टडी में ले लिया। एक दिन हिरासत में रहने के बाद सभी को वापस भारत भेज दिया। सभी पीड़ितों ने एसएसपी कार्यालय पर तहरीर देकर जालसाजों के खिलाफ मुकदमे की मांग की है।
एक आरोपी बसपा नेता का रिश्तेदार
पीड़ित लोगों के मुताबिक, आरोपियों में एक शख्स औरंगाबाद के बसपा नेता का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पीड़ितों ने जब इनसे अपने रुपये मांगे तो शुरुआत में तो ये झांसा देते रहे। बाद में जालसाजों ने रुपये लौटाने से मना कर दिया। आइंदा रुपये मांगने पर मरवाने तक की धमकी दे डाली।