पुणे: कॉसमॉस बैंक में डाटा हैक कर 94 करोड़ की साइबर डकैती, हांगकांग की कंपनी को बनाया गया है आरोपी
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पुणे में गणेश खिंड में कॉसमॉस बैंक मुख्यालय का डाटा हैक कर 94 करोड़ 42 लाख रुपये के साइबर लूट का मामला सामने आया है। पुणे शहर के अपराध शाखा व साइबर सेल सहित चतुरश्रृंगी पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है। इस मामले में हांगकांग की एएलएम ट्रेडिंग लिमिटेड कंपनी को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार यह डकैती बीते शनिवार को दोपहर तीन बजे से रात दस बजे के बीच हुई। आश्चर्य यह है कि बैंक के खातेदार को किसी प्रकार जानकारी के बगैर उनके खाते से पैसे निकल गए।
इस संबंध में जब खातेदारों ने शिकायत की तब जाकर बैंक ने छानबीन शुरू की। शिकायत के आधार पर बैंक अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगाला तो उन्हें किसी भी प्रकार के ट्रांजेक्शन का पता नहीं चल पाया। उसके बाद साइबर डकैती का संदेह हुआ और साइबर सेल में शिकायत की गई।
सबसे पुरानी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक है कॉसमॉस बैंक
पुलिस के मुताबिक बैंक मुख्यालय के सर्वर को हैक कर वीसा और रूपी डेबिट कार्ड की जानकारी चुराई गई और फिर विदेश में करीब 12 हजार बार ट्रांजेक्शन कर 78 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। दरअसल, हैकर्स ने कॉसमॉस बैंक के डेबिट कार्ड के माध्यम से होने वाले पेमेंट सिस्टम पर हमला बोला। इसके माध्यम से भारत में भी 2849 बार ट्रांजेक्शन कर ढाई करोड़ निकाले गए।
पुलिस के मुताबिक कॉसमॉस बैंक से साइबर डकैती के बाद हांगकांग में हॅनसन बैंक के एलएम ट्रेडिंग कंपनी में स्विफ्ट मैसेजिंग सिस्टम के जरिए पैसे डाले गए और उसमें से 13 करोड़ 92 लाख रुपये जमा करने के बाद निकाल भी लिए गए। इस तरह कॉसमॉस बैंक से कुल 94 करोड़ 42 लाख रुपये की डकैती हुई है।
सबसे पुरानी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक है कॉसमॉस बैंक
कॉसमॉस बैंक सबसे पुरानी को-ऑपरेटिव बैंक है जिसकी स्थापना 1906 में हुई थी। साल 1997 में बैंक का मल्टिस्टेट स्टेटस बहाल किया गया। इसकी 140 शाखाएं 7 राज्यों में हैं। बैंक के 20 लाख खाताधारक और 79 हजार शेयर होल्डर्स हैं। कॉसमॉस बैंक का वार्षिक टर्नओवर 18 हजार करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी बैंक में साइबर डकैती होने से खाताधारकों में हलचल मच गई है।