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सातवीं के छात्र से कराना चाहते थे आईआईटी की कोचिंग, बिल्डिंग से कूदा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:30 PM IST
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बच्चों पर पढ़ाई का बोझ जबरदस्ती थोपना कभी-कभी घातक सिद्ध हो जाता है। तेलंगाना के करीमनगर जिले में एक 11 साल के बच्चे ने स्कूल की दूसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि बच्चे के मां-बाप आईआईटी फाउंडेशन कोर्स के लिए बच्चे पर दबाव बना रहे थे, जिसकी वजह से उसने खतरनाक कदम उठाया। करीमनगर के सिद्धार्थ हाईस्कूल में बच्चा सातवीं का छात्र था।
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पुलिस के मुताबिक पेडापल्ली जिले के गोलापल्ली गांव के रहने वाले दंपती शशिधर रेड्डी और शारदा का श्रीकर इकलौता बेटा था। दंपती का कहना है कि वो अपने बेटे को बेहतर इंजीनियर बनाना चाहते थे और इसीलिए उसका दाखिला आईआईटी फाउंडेशन कोचिंग में कराना चाहते थे, जोकि स्कूल द्वारा संचालित किया जा रहा है।
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हालांकि श्रीकर पढ़ाई में रुचि नहीं दिखाता था, लेकिन वो ऐसा कदम उठा लेगा, उन्होंने कभी नहीं सोचा था। इस मामले में पहले तो दंपती ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार माना, लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनका बेटा दिमागी तौर से परेशान था।
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इस बीच छात्र संगठनों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ सरकारी अस्पताल के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जहां छात्र का पोस्टमार्टम किया जाना था। आपको बता दें कि तेलंगाना में एक हफ्ते के अंदर बच्चे की आत्महत्या का यह दूसरा मामला है। इससे पहले हैदराबाद में तेलंगाना अल्पसंख्यक कल्याण के छात्रावास में 14 साल के फरीदउद्दीन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। साल 2015 के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार भारत में हर घंटे एक छात्र आत्महत्या करता है।