मध्यप्रदेश: सीएम शिवराज के ‘द्विअर्थी’ ट्वीट में फंस गई कांग्रेस, चुनाव आयोग से की शिकायत, जाने पूरा मामला
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश, बिहार और कर्नाटक सहित देश में कई जगहों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर शनिवार को हिंदी में कथित ‘द्विअर्थी’ ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए 'हाथ' को पूरी तरह 'सैनिटाइज' कर साफ कर देना है। चौहान के इस ट्वीट के खिलाफ विपक्षी दल कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। मालूम हो कि कांग्रेस का चुनाव चिह्न हाथ का पंजा है।
चौहान ने शनिवार को दो अर्थो वाला ट्वीट किया, 'मेरे प्रिय दोस्तों! मध्यप्रदेश, बिहार, कर्नाटक सहित देश भर में कई जगह चुनाव होने वाले है। हमें कोरोना काल को देखते हुए चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पूरा ध्यान रखना है। ‘हाथ’ पूरी तरह ‘सैनिटाइज’ कर ‘साफ’ कर देना है।'
चौहान के ट्वीट पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने ट्वीट के अंतिम वाक्य पर अपनी शिकायत चुनाव आयोग के मध्यप्रदेश कार्यालय में की है। उन्होंने चुनाव आयोग में यह भी शिकायत की कि मुख्यमंत्री द्वारा अपने ट्वीट में गलत तरीके से चुनाव आयोग के नाम का इस्तेमाल किया है।
धनोपिया ने कहा कि चुनाव आयोग को चौहान के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए। मालूम हो मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने उप चुनाव का कार्यक्रम फिलहाल घोषित नहीं किया है।
दिग्विजय सिंह एक बार फिर 'परदे के पीछे मुख्यमंत्री' बन जाएंगे
वहीं, भाजपा के राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को दावा किया कि मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनावों में कांग्रेस को जीत हासिल होने पर इस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक बार फिर 'परदे के पीछे मुख्यमंत्री' बन जाएंगे।
छह महीने पहले पाला बदलने वाले सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की नेतृत्व क्षमता पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि उनका रिमोट कंट्रोल अब भी दिग्विजय के हाथ में ही है। वह इंदौर से 40 किलोमीटर दूर सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,664 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। सांवेर उन 28 विधानसभा सीटों में शामिल है जहां उपचुनाव होने हैं।
सिंधिया ने वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में कहा, 'आप (मतदाता) याद रखना कि आगामी उपचुनावों में हाथ के पंजे (कांग्रेस का चुनाव चिह्न) पर पड़ने वाला हरेक वोट दिग्विजय सिंह को परदे के पीछे दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के काम आएगा।'
उन्होंने दिग्विजय और कमलनाथ को 'बड़े भाई और छोटे भाई की कांग्रेसी जोड़ी' बताते हुए कहा, 'राज्य में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों की तरह अब भी परदे के पीछे दिग्विजय ही हैं।कमलनाथ का रिमोट कंट्रोल अब भी दिग्विजय के ही हाथ में है।'
'कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद सूबे के साढ़े सात करोड़ लोगों से गद्दारी की'
गौरतलब है कि सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण तत्कालीन कमलनाथ सरकार का 20 मार्च को पतन हो गया था। इसके बाद चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को सूबे की सत्ता में लौट आई थी।
आगामी विधानसभा उप चुनावों के तेज होते प्रचार के दौरान सिंधिया और छह महीने पहले उनके साथ पाला बदलने वाले बागी विधायकों को कांग्रेस द्वारा 'गद्दार' बताया जा रहा है। राज्यसभा सदस्य 49 वर्षीय सिंधिया ने पलटवार करते हुए कहा, 'आज वे (दिग्विजय और कमलनाथ) मुझे गद्दार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नालायक कह रहे हैं, लेकिन सच यह है कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणा पत्र को धर्मग्रंथ बताने वाली पार्टी (कांग्रेस) ने सत्ता में आने के बाद सूबे के साढ़े सात करोड़ लोगों से गद्दारी की।'
सिंधिया ने कहा, 'पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने (राहुल गांधी) कहा था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर सूबे के हर किसान का कर्ज माफ हो जाएगा, लेकिन यह वादा भी निभाया नहीं गया।' उन्होंने कहा, 'मैं दिग्विजय और कमलनाथ को बताना चाहता हूं कि कांग्रेस ने किसानों के साथ वादाखिलाफी नहीं, बल्कि गद्दारी की है।' सिंधिया ने यह आरोप भी लगाया कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने विकास के बजाय विश्वासघात और भ्रष्टाचार की बड़ी लकीर खींचते हुए सूबे को 'नीलाम' कर दिया।
