मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी में बाहरी युवाओं को भी दी राहत, कैबिनेट में ही हुआ विरोध
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मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की शासकीय सेवाओं में बाहरी युवाओं के लिए नए सिरे से आयु सीमा तय की है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सीधी भर्ती से होने वाली परीक्षाओं में भाग लेने वाले बाहरी राज्यों के युवाओं को इस फैसले का बड़ा फायदा होगा। नई आयु सीमा के मुताबिक 21 से 35 वर्ष तक की आयु के बाहरी युवा मध्यप्रदेश में नौकरी के योग्य होंगे। पहले यह सीमा बाहरी लोगों के लिए 21 से 28 वर्ष और मप्र के युवाओं के लिए 21 से 35 थी।
हालांकि इस फैसले का सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों ने कैबिनेट में ही विरोध किया। उनका कहना था कि तेलुगु, तमिल और कन्नड़ भाषी प्रदेशों में जब स्थानीय युवाओं को रोजगार में विशेष सहूलियत दी गई है तो मध्यप्रदेश में ऐसा क्यों नहीं कर सकते? बता दें कि पुरानी आयु सीमा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद कोर्ट ने सभी के लिए शासकीय सेवा में भर्ती की आयु सीमा समान करने का ऑर्डर दिया था।
एमपी में अब लागू होगा सामान्य वर्ग के लिए 10% आरक्षण
सामान्य वर्ग के गरीबों को राज्य में आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इसके लिए गठित कैबिनेट सब कमिटी ने आरक्षण देने की अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। अब शासन इसे कैबिनेट में ले जाकर सभी क्षेत्रों में इसे लागू कराएगा। इसी महीने के अंत तक आरक्षण के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
इन मुद्दों पर भी लिए गए फैसले
आयु सीमा के अलावा कैबिनेट में किसान, पानी और अन्य मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जीरो प्रतिशत ब्याज पर कर्ज लेने वाले किसानों को राहत देते हुए कैबिनेट ने फैसला लिया कि अब वे 15 जून के बजाए 30 जून तक कर्ज की अदायगी कर सकेंगे। इसके साथ ही बांधों के टूटने या नहर से अत्यधिक पानी बहने को प्राकृतिक आपदा माना जाएगा, क्योंकि इससे किसानों की फसल के नुकसान के साथ-साथ जनहानि भी होती है। इसलिए इन घटनाओं का मुआवजा आरबीसी (6-4) के प्रावधानों के अनुसार दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य के निवाड़ी जिले में नई ट्रेजरी खोले जाने को मंजूरी मिली और वहां लोक सेवा प्रबंधक के पद को भरे जाने के अनुमोदन को भी स्वीकार किया गया। वहीं छिंदवाड़ा में 1000 कैदियों की सेंट्रल जेल के निर्माण के लिए 228 करोड़ रुपए की राशि को स्वीकृति मिल गई।
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