{"_id":"6aec68eb4692244a1003103e","slug":"action-against-infiltrators-chhattisgarh-government-identify-deport-illegal-migrant-campaign-run-two-months-2026-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर एक्शन: अवैध प्रवासियों को पहचान कर डिपोर्ट करेगी सरकार, दो महीने चलेगा ये अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर एक्शन: अवैध प्रवासियों को पहचान कर डिपोर्ट करेगी सरकार, दो महीने चलेगा ये अभियान
Thu, 05 Nov 2026 05:00 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Thu, 05 Nov 2026 05:00 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर से 15 जनवरी तक अवैध विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और डिपोर्टेशन के लिए दो महीने का अभियान चलाएगी। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों, किराए के मकानों और होटलों में जांच होगी। फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई और संदिग्धों का सत्यापन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और अनधिकृत घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए सख्त और व्यापक राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। अवैध प्रवासन नेटवर्क पर अंकुश लगाने, उनकी ट्रैकिंग और निगरानी के लिए यह विशेष दो माह का अभियान 15 नवंबर से 15 जनवरी तक संचालित किया जाएगा।
इस अभयान का मकसद अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें डिपोर्ट करना है। इस कार्रवाई के लिए राज्य प्रशासन प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल आयोजित कर रहा है और सूक्ष्म स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
नागरिकता के मानकों पर गृह मंत्री का स्पष्ट रुख
उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने अवैध प्रवासन पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को धर्मशाला नहीं बनने दिया जा सकता और लंबा निवास स्थान ही भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राशन कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सामान्य पहचान पत्र नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं। संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय के वैधानिक मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त, अंतर-जिला खुफिया जानकारी साझा करने के लिए एक समर्पित सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर में संदिग्ध व्यक्तियों, जांच की प्रक्रिया और उनके दस्तावेज के सत्यापन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे सभी जिलों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम हो सके।
औद्योगिक केंद्रों और संवेदनशील स्थलों की जांच
अभियान मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, कुटीर और गुड़ निर्माण इकाइयों, किराए के मकानों, होटलों तथा लॉज पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान औद्योगिक गलियारों, श्रम ठेकेदारों और पारगमन स्थलों पर सघन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने ठेकेदारों और व्यवसायियों को चेतावनी दी है कि वे सस्ते श्रम के लालच में अनधिकृत विदेशी नागरिकों को रोजगार न दें। प्रशासन ने रायपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में संदिग्ध स्थानों का नक्शा बनाकर निरीक्षण करने के विशेष निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के जरिये घुसपैठियों को शरण देने वाले तथा फर्जी पहचान पत्र तैयार करने वाले नेटवर्क और गिरोहों को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
फर्जी दस्तावेज पर नकेल और स्थानीय तंत्र की मदद
फर्जी पासपोर्ट और पहचान पत्र बनाने में शामिल बिचौलियों की भी गहन जांच की जाएगी। साथ ही, केंद्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर फर्जी दस्तावेज को अमान्य किया जाएगा। इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम सभाओं और शहरी क्षेत्रों के वार्ड पार्षदों को भी संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी देने के लिए शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के बाहर से आने वाले स्ट्रीट वेंडरों और घुमंतु मजदूरों को काम शुरू करने से पहले संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इससे बाहरी और अनधिकृत व्यक्तियों का पूर्ण विवरण पुलिस और स्थानीय प्रशासन के पास उपलब्ध रहेगा।
विज्ञापन
इस अभयान का मकसद अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें डिपोर्ट करना है। इस कार्रवाई के लिए राज्य प्रशासन प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल आयोजित कर रहा है और सूक्ष्म स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
विज्ञापन
नागरिकता के मानकों पर गृह मंत्री का स्पष्ट रुख
उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने अवैध प्रवासन पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को धर्मशाला नहीं बनने दिया जा सकता और लंबा निवास स्थान ही भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राशन कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सामान्य पहचान पत्र नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं। संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय के वैधानिक मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त, अंतर-जिला खुफिया जानकारी साझा करने के लिए एक समर्पित सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर में संदिग्ध व्यक्तियों, जांच की प्रक्रिया और उनके दस्तावेज के सत्यापन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे सभी जिलों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम हो सके।
औद्योगिक केंद्रों और संवेदनशील स्थलों की जांच
अभियान मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, कुटीर और गुड़ निर्माण इकाइयों, किराए के मकानों, होटलों तथा लॉज पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान औद्योगिक गलियारों, श्रम ठेकेदारों और पारगमन स्थलों पर सघन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने ठेकेदारों और व्यवसायियों को चेतावनी दी है कि वे सस्ते श्रम के लालच में अनधिकृत विदेशी नागरिकों को रोजगार न दें। प्रशासन ने रायपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में संदिग्ध स्थानों का नक्शा बनाकर निरीक्षण करने के विशेष निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के जरिये घुसपैठियों को शरण देने वाले तथा फर्जी पहचान पत्र तैयार करने वाले नेटवर्क और गिरोहों को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
फर्जी दस्तावेज पर नकेल और स्थानीय तंत्र की मदद
फर्जी पासपोर्ट और पहचान पत्र बनाने में शामिल बिचौलियों की भी गहन जांच की जाएगी। साथ ही, केंद्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर फर्जी दस्तावेज को अमान्य किया जाएगा। इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम सभाओं और शहरी क्षेत्रों के वार्ड पार्षदों को भी संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी देने के लिए शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के बाहर से आने वाले स्ट्रीट वेंडरों और घुमंतु मजदूरों को काम शुरू करने से पहले संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इससे बाहरी और अनधिकृत व्यक्तियों का पूर्ण विवरण पुलिस और स्थानीय प्रशासन के पास उपलब्ध रहेगा।