अयोध्या में अब उदासी छंट गई है और आ गए हैं सुख के दिनः विश्वेश्वरानंद महाराज
स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी महाराज ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के भूमिपूजन मुहूर्त को लेकर कहा कि ज्योतिष के प्रकांड विद्वान काशी के द्रविण शास्त्री ने यह मुहुर्त निकाला था। शुभ कार्य के लिए मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती...
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साल 1982 से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे विश्वेश्वरानंद गिरी जी महाराज राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन से गदगद हैं। अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम से मुंबई वापस लौटे महाराज ने कहा कि अब सुख के दिन आ गए हैं। अयोध्या विश्वस्तरीय शहर बनने जा रहा है। अयोध्या में आयोजित भूमिपूजन समारोह से लौटे स्वामी जी ने सन्यास आश्रम (मुंबई) में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अयोध्या अब काफी बदली-बदली नजर आ रही है।
पहले वहां निराशा का वातावरण रहता था। लेकिन भूमिपूजन के मौके पर अयोध्यावासियों को उस दिन का अहसास हो रहा था, जब 14 वर्षों के वनवास के बाद राम अयोध्या लौटे थे। भूमिपूजन के दिन अय़ोध्या के हर घर के सामने दीप जले और दिवाली मनाई गई। अयोध्या से अब उदासी छट गई है। वहां के लोगों ने अब तक बहुत कुछ सहा है।
लेकिन अब सुख के दिन आ गए हैं। अयोध्या विश्वस्तरीय शहर बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबी लड़ाई के बाद देश के सर्वोच्च न्यायालय से मंदिर निर्माण के लिए फैसला आना अच्छी बात रही और सबसे खुशी की बात यह है कि पूरे देश ने इस फैसले को स्वीकारा है। कहां से विरोध के कोई स्वर नहीं उठे।
दिग्विजय सिंह को भूमिपूजन से खुश होना चाहिए
स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी महाराज ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के भूमिपूजन मुहूर्त को लेकर कहा कि ज्योतिष के प्रकांड विद्वान काशी के द्रविण शास्त्री ने यह मुहुर्त निकाला था। शुभ कार्य के लिए मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती।
मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह किस आधार पर रामंदिर भूमिपूजन मुहूर्त की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राम के राज्याभिषेक का मुहूर्त तो स्वयं वशिष्ठ ने निकाला था, लेकिन राम को राजा बनने की बजाय वनवास के लिए जाना पड़ा। दिग्विजय सिंह यदि रामभक्त हैं तो उन्हें मंदिर भूमिपूजन से खुश होना चाहिए।
अशोक सिंहल को भारत रत्न देने की मांग
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हुए भूमिपूजन के दौरान मुंबई की संस्था पृथक पूर्वांचल ट्रस्ट ने काशी-विश्वनाथ मंदिर भाइंदर में शिलापूजन कार्यक्रम अयोजित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर आंदोलन के लिए अपना संपूर्ण जीवन न्योछावर कर देने वाले अशोक सिंहल भारत रत्न की मांग का संकल्प लिया गया।
शिलापूजन कार्यक्रम के आयोजक प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पैनल के सदस्य एडवोकेट राजकुमार मिश्र ने बताया कि भाईंदर स्थित काशी-विश्वनाथ मंदिर में पूजित शिला के साथ ट्रस्ट की तरफ से 51000 रुपये और चांदी की ईंट राम मंदिर निर्माण के लिए दी जाएगी। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का दल जल्द ही अयोध्या जाएगा। इस कार्यक्रम में सुमन कोठारी, प्रवीण शुक्ला, रामचंद्र वर्मा, मुकेश चेतन मनोज तिवारी आदि उपस्थित रहे।