अब महाराष्ट्र सरकार ने भी मजदूरों के लिए खोला खजाना, मिलेंगे दो हजार रुपये
- राज्य के 12 लाख पंजीकृत मजदूरों को मिलेंगे 2-2 हजार रुपये
- कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड में करीब 9500 करोड़ रुपये हैं जमा
विस्तार
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में निर्माण क्षेत्र के मजदूरों के लिए सरकार ने दो हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। राज्य के श्रम मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने शनिवार को कहा कि जल्द ही यह राशि सीधे करीब 12 लाख पंजीकृत मजदूरों के खाते में भेजी जाएगी।
महाराष्ट्र में लॉकडाउन के साथ ही उन मजदूरों को मदद देने की मांग काफी पहले से हो रही थी, जो कंस्ट्रक्शन साइट के बंद होने से भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। महाराष्ट्र के श्रममंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने बीते सप्ताह अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि इस संबंध में राज्य मंत्रिमडल के पास प्रस्ताव भेजा गया है।
जैसे ही, राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलेगी वैसे ही, मजदूरों को आर्थिक सहायता देने का एलान किया जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते बेरोजगार हुए कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के मजदूरों के लिए अब तक देश के करीब 15 राज्यों में एक हजार से लेकर 5 हजार तक की मदद घोषित की गई है।
इससे महाराष्ट्र में कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के करीब 12 लाख पंजीकृत मजदूरों को लाभ होगा।
दरअसल सरकार भवन निर्माताओं को कार्य से जुड़ी अनुमति प्रदान करते समय उनसे उपकार लेती है। यह राशि कामगार श्रम बोर्ड में जमा होती है, जिससे मजदूरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाती है।
कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड में करीब 9500 करोड़ रुपये जमा हैं। इस लिए इस फंड में से मजदूरों की मदद की मांग हो रही थी।
हर मजदूर को मिले मददः श्वेता शालिनी
महाराष्ट्र भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने जो निर्णय अब लिया है, वह उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पहले ही घोषित कर दिया था। यूपी सहित कई राज्यों के मजदूरों के खाते में पैसे भी पहुंच चुके हैं।
सिर्फ रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन वर्कर को ही क्यों। माथाड़ी कामगार और गैर-पंजीकृत मजदूरों के लिए भी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। श्वेता ने कहा कि राज्य में 12 लाख पंजीकृत मजदूर हैं, जो मार्च 2019 तक 10 लाख थे।
सेस के तहत सरकारी खजाने में 6400 करोड़ रुपये जमा थे, जो अब बढ़कर करीब 9500 करोड़ रुपए हो गए हैं। सरकार चाहे तो गैर-पंजीकृत मजदूरों की भी मदद कर सकती है।
मार्च 2019 तक मजदूरों के लिए सेस (उपकर) के तहत पांच राज्यों में जमा निधि और खर्च का ब्योरा
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प्रदेश जमा सेस राशि (करोड़ में) खर्च मजदूरों की संख्या प्रति मजदूर जमाराशि
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महाराष्ट्र 6,462 402 9.89 लाख 65,339 रुपये
उत्तर प्रदेश 3,895 1,050 42.08 लाख 9,254
केरल 1,652 1,886 14.91 लाख 11,093
कर्नाटक 5,071 4,519 15.42 लाख 32,876
राजस्थान 2,057 1,163 20.49 लाख 10,038
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