उद्धव ठाकरे ने भाजपा नेताओं पर साधा निशाना, कोरोना संकट में राजनीति न करने की दी नसीहत
- इंजीनियर अनंत करमुसे को अगवा कर मंत्री जितेंद्र आव्हाड के बंगले पर लाकर की थी पिटाई
- वाधवान परिवार के 23 लोगों को महाबलेश्वर जाने के लिए भी सरकार पर उठ रहे हैं सवाल
विस्तार
महाराष्ट्र में कोरोना के भीषण संकट के बीच शुरू राजनीति को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधा है। शनिवार को सोशल मीडिया पर लाईव संबोधन में उद्धव ने इशारों में भाजपा को इस संकट की घड़ी में राजनीति न करने की नसीहत दी है।
महाराष्ट्र में कई दिनों से गृह निर्माण मंत्री जितेन्द्र आव्हाड के बंगले पर एक इंजीनियर की पिटाई और DHFL के संस्थापक वाधवान परिवार के महाबलेश्वर जाने के लिए गृह विभाग से जारी पत्र आदि मामले को लेकर महाविकास आघाड़ी सरकार विपक्ष के निशाने पर है।
शनिवार को मुख्यमंत्री ठाकरे ने अपने सोशल मीडिया संबोधन में इन सभी मुद्दों पर भाजपा को परोक्ष नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर चर्चा शुरू हो, इसलिए हमने सीधे जनता से मुखातिब होना बेहतर समझा।
देशभर में अलग-अलग दल के राज्यों के मुख्यमंत्री राजनीति से परे रहकर कोरोना संकट का सामना कर रहे हैं। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों का सभी राज्य पालन कर रहे हैं। इससे देश में कोरोना के खिलाफ जंग में बेहतर काम हो रहा है। इसलिए कोरोना प्रकोप के बीच किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
इन दो मामले को लेकर बैकफुट पर है सरकार
महाराष्ट्र में इंजीनियर अनंत करमुसे को अगवा कर मंत्री जितेंद्र आव्हाड के बंगले पर लाकर पिटाई किए जाने के मामले में आघाड़ी सरकार बैकफुट पर है। इस मामले में भाजपा ने आव्हाड को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
वहीं, वाधवान परिवार सहित 23 लोगों को महाबलेश्वर जाने के लिए गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता की ओर से पत्र जारी किए जाने के मामले में भी भाजपा आक्रामक है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि वाधवान परिवार को एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार के कहने पर पत्र जारी किया गया। इन सभी मुद्दों पर उद्धव ठाकरे ने बेहद सधी हुई टिप्पणी कर आपदा के समय में भाजपा को राजनीति से बाज आने की सीख दी है।