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सुन लो सरकार! दिव्यांग पति के दर्द से आहत महिला दर-दर भटक रही, कलेक्टर साहब भी सुनवाई नहीं किए
Sat, 08 Oct 2022 09:54 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 08 Oct 2022 09:54 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं लाभ घर-घर पहुंचाने का दावा खूब किया जा रहा है। इनके दावों के बाद दिव्यांगों में भी उम्मीद जगी थी कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल जाएगा। लेकिन पति के लिए दर-दर भटक रही एक महिला का दर्द जानकर आपके आंसू झलक पड़ेगे।
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महिला दर-दर भटक रही
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
छिंदवाड़ा जिले के पांडू पिपरिया गांव में रहने वाली पूनम अपने पति के दिव्यांग हो जाने के बाद भीख मांगकर परिवार का गुजर-बसर कर रही है। कई दिनों से वह अपने पति के लिए ट्राई साइकिल की मांग कर रही है। दिव्यांगता का प्रमाण पत्र लेकर वह छिंदवाड़ा जिला कलेक्टर के पास पहुंची, लेकिन यहां भी कोई उसका दर्द सुनने वाला नहीं मिला। मायूस होकर उसे वापस लौटना पड़ा।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग से 60 फीसदी से भी अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होने के बाद अभी तक ट्राई साइकिल नहीं मिली और न ही पेंशन प्रकरण स्वीकृत हो सके हैं। कलेक्टर कार्यालय में दिनभर महिला अपने पति को लेकर इधर-उधर घूमती रही, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था।
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कम पढ़ी-लिखी होने के कारण महिला सरकारी कामकाज नहीं कर पाती। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि अगर वह दिन में भीख नहीं मांगती तो घर में भूखे रहने की नौबत आ जाती है। इसलिए मजबूरी में वह कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर पाती।
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परेशान महिला ने बताया, जब वह तामिया में अधिकारियों के पास जाती है तो अधिकारी उसका फार्म भरने की बात कहकर बात को टाल देते हैं। गुहार लगाने कलेक्टर कार्यालय पहुंची, लेकिन यहां से भी खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
