'हमें नहीं पता किसने फोड़े पाकिस्तान के समर्थन में पटाखे'
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चैंम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की जीत के कथित जश्न के बाद देशद्रोह के मामले का सामना कर रहे नौजवानों के परिवार वालों ने दावा किया है कि उनके बच्चों ने किसी भी तरह से देश के खिलाफ कोई कृत्य नहीं किया है।
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के मोहद गांव के 15 मुसलमान युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान की जीत के बाद भारत के खिलाफ नारेबाजी की और पटाखे फोड़े। इन लड़कों पर देशद्रोह का मामला लगाया गया है जिसके बाद इन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हुए इतबार तड़वी के पिता गुलजार तड़वी ने बताया, "ये वक्त नमाज और रोजे का है। हम लोगों को तो पता ही नहीं कि ऐसा कुछ हुआ है। किसने पटाखे फोड़े, हमें खुद नहीं मालूम। यह सब तो हमें बनाया हुआ लगता है।"
पुलिस ने फिरोज और बशीर नाम के दो भाइयों को भी हिरासत में लिया
23 साल के मुकद्दर के पिता सिकंदर का कहना है कि वो लोग ग़रीब है और खेती के साथ ही छोटे मोटे काम करते है, लेकिन इस तरह के मामले से उनका कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया, "हमें कुछ नहीं मालूम कि किसने पटाखे फोड़े। पुलिस रात में एक बजे बच्चों को उठाकर ले गई तब हमें पता चला कि मामला क्या है।"
वही शरीफ के चाचा रशीद ने बताया, "पुलिस आई और इन बच्चों को पकड़कर ले जाने लगी। किसने पटाखे फोड़े हमें तो पता ही नहीं। हम लोगों ने नारे लगाए, ऐसा कहकर हमारा नाम जबरदस्ती बदनाम कर दिया।" फिरोज और बशीर नाम के दो भाइयों को भी हिरासत में लिया गया है। इनके भाई करीम ने बताया, "हम तो नमाज पढ़ने गए थे जब लौटे तो पुलिस इन्हें ले जाने के लिये आ गई। गांव का माहौल बहुत अच्छा है, हम लोग हिंदू समाज के लोगों के पास ही काम करते है। इस तरह का काम नहीं करेंगे।"
गिरफ्तार हुए लोग छोटे मोटे काम करके अपना गुजर बसर करते है और दिन के 200 से लेकर 300 रुपये कमा लेते हैं। इस मामले में गिरफ्तार दस लोगों की पैरवी कर रहे वकील उबेद शेख का कहना है कि इन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उनका आरोप है कि गांव के अंदर कुछ लोग माहौल बिगड़ना चाहते हैं और इस मामले के पीछे उन्हीं का हाथ है। वो आगे आरोप लगाते हैं, "बुरहानपुर क्षेत्र में अभी कुछ माहौल ऐसा बन गया है कि अगर किसी भी मुसलमान का मामला कोर्ट में आता है तो बजरंग दल और आरएसएस के लोग गवाही देते हैं कि ये लोग पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
