फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   We do not know who cracker in the victory of the Pakistan Cricket team

'हमें नहीं पता किसने फोड़े पाकिस्तान के समर्थन में पटाखे'

Thu, 22 Jun 2017 01:38 PM IST
शुरैह नियाज़ी/बीबीसी हिंदी
शुरैह नियाज़ी/बीबीसी हिंदी Updated Thu, 22 Jun 2017 01:38 PM IST
विज्ञापन
We do not know who cracker in the victory of the Pakistan Cricket team
- फोटो : bbc

चैंम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की जीत के कथित जश्न के बाद देशद्रोह के मामले का सामना कर रहे नौजवानों के परिवार वालों ने दावा किया है कि उनके बच्चों ने किसी भी तरह से देश के खिलाफ कोई कृत्य नहीं किया है।

विज्ञापन


मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के मोहद गांव के 15 मुसलमान युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान की जीत के बाद भारत के खिलाफ नारेबाजी की और पटाखे फोड़े। इन लड़कों पर देशद्रोह का मामला लगाया गया है जिसके बाद इन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हुए इतबार तड़वी के पिता गुलजार तड़वी ने बताया, "ये वक्त नमाज और रोजे का है। हम लोगों को तो पता ही नहीं कि ऐसा कुछ हुआ है। किसने पटाखे फोड़े, हमें खुद नहीं मालूम। यह सब तो हमें बनाया हुआ लगता है।"

विज्ञापन

पुलिस ने फिरोज और बशीर नाम के दो भाइयों को भी हिरासत में लिया

We do not know who cracker in the victory of the Pakistan Cricket team

23 साल के मुकद्दर के पिता सिकंदर का कहना है कि वो लोग ग़रीब है और खेती के साथ ही छोटे मोटे काम करते है, लेकिन इस तरह के मामले से उनका कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया, "हमें कुछ नहीं मालूम कि किसने पटाखे फोड़े। पुलिस रात में एक बजे बच्चों को उठाकर ले गई तब हमें पता चला कि मामला क्या है।"

वही शरीफ के चाचा रशीद ने बताया, "पुलिस आई और इन बच्चों को पकड़कर ले जाने लगी। किसने पटाखे फोड़े हमें तो पता ही नहीं। हम लोगों ने नारे लगाए, ऐसा कहकर हमारा नाम जबरदस्ती बदनाम कर दिया।" फिरोज और बशीर नाम के दो भाइयों को भी हिरासत में लिया गया है। इनके भाई करीम ने बताया, "हम तो नमाज पढ़ने गए थे जब लौटे तो पुलिस इन्हें ले जाने के लिये आ गई। गांव का माहौल बहुत अच्छा है, हम लोग हिंदू समाज के लोगों के पास ही काम करते है। इस तरह का काम नहीं करेंगे।"

गिरफ्तार हुए लोग छोटे मोटे काम करके अपना गुजर बसर करते है और दिन के 200 से लेकर 300 रुपये कमा लेते हैं। इस मामले में गिरफ्तार दस लोगों की पैरवी कर रहे वकील उबेद शेख का कहना है कि इन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उनका आरोप है कि गांव के अंदर कुछ लोग माहौल बिगड़ना चाहते हैं और इस मामले के पीछे उन्हीं का हाथ है। वो आगे आरोप लगाते हैं, "बुरहानपुर क्षेत्र में अभी कुछ माहौल ऐसा बन गया है कि अगर किसी भी मुसलमान का मामला कोर्ट में आता है तो बजरंग दल और आरएसएस के लोग गवाही देते हैं कि ये लोग पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगा रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed