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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Vidisha: Schooling Debate Heats Up in Sironj Amid MLA’s Appeal and Process to Mark 11 Madrasas Closed

विदिशा: सिरोंज में गरमाया शिक्षा का मुद्दा, विधायक की अपील के बीच 11 मदरसों को बंद करने की प्रक्रिया चर्चा में

Mon, 19 Oct 2026 04:31 PM IST
विदिशा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा Published by: विदिशा ब्यूरो Updated Mon, 19 Oct 2026 04:31 PM IST
सार

सिरोंज विधायक ने सनातनी परिवारों से बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट स्कूलों और मदरसों में पढ़ाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। वहीं कम विद्यार्थियों का हवाला देकर 11 मदरसों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

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Vidisha: Schooling Debate Heats Up in Sironj Amid MLA’s Appeal and Process to Mark 11 Madrasas Closed
बीजेपी विधायक ने सनातनी लोगो से अपील - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले का सिरोंज इन दिनों शिक्षा व्यवस्था, बच्चों के विद्यालय चयन और धार्मिक शिक्षण संस्थानों से जुड़े दो अलग-अलग घटनाक्रमों को लेकर चर्चा में है। एक ओर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सनातनी परिवारों से अपने बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा के स्कूलों और मुस्लिम मदरसों में पढ़ाने पर पुनर्विचार करने की अपील की है, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों की कम संख्या के कारण क्षेत्र के 11 मदरसों को बंद दर्ज करने की प्रशासनिक प्रक्रिया सामने आई है। 

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सिरोंज के भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर सनातनी परिवारों से अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर विशेष निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को अपने बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा के विद्यालयों और मुस्लिम मदरसों से हटाने पर विचार करना चाहिए। विधायक ने इस अपील को समाज के हित से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। हालांकि उनकी पोस्ट में किसी खास स्कूल या मदरसे का उल्लेख नहीं किया गया है और न ही उन्होंने अपने संदेश में संबंधित संस्थानों के बारे में कोई विवरण दिया है। विधायक की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया कि बच्चों की शिक्षा का माध्यम चुनते समय अभिभावकों को किन बातों को प्राथमिकता देनी चाहिए और धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यताओं की इसमें क्या भूमिका होनी चाहिए।
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इसी बीच सिरोंज में संचालित 11 मदरसों को लेकर शिक्षा विभाग से जुड़ा एक पत्र सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार इन संस्थानों के संचालकों ने विद्यार्थियों की संख्या कम होने का हवाला देते हुए उन्हें बंद करने के लिए आवेदन दिए हैं। इसके बाद जनपद शिक्षा केंद्र, सिरोंज की ओर से जिला शिक्षा केंद्र को पत्र लिखकर संबंधित संस्थानों को एजुकेशन पोर्टल 3.0 और यूडाइज पोर्टल पर बंद दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। पत्र में संबंधित संस्थानों के नाम और उनकी यूडाइज पहचान संख्या भी शामिल होने की जानकारी है। दस्तावेज से स्पष्ट होता है कि संस्थानों को बंद दर्ज करने की प्रक्रिया संचालकों की ओर से दिए गए आवेदनों के बाद शुरू हुई। हालांकि उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी 11 मदरसे पहले ही पूरी तरह बंद हो चुके हैं। इसके लिए प्रत्येक संस्थान की वर्तमान स्थिति की अलग से पुष्टि आवश्यक है।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने विभागीय पत्र सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे अपने गृह जिले विदिशा से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। उन्होंने दावा किया कि जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान 11 मदरसों को बंद करने की कार्रवाई हुई है। कानूनगो ने यह भी आरोप लगाया कि विदिशा के मदरसों में हिंदू बच्चे पढ़ रहे थे। उन्होंने अपनी पोस्ट में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से स्कूली शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा शिक्षा का अधिकार कानून के अनुपालन की बात कही। उनके अनुसार बच्चों को सामान्य विद्यालयों में दाखिला दिलाने की दिशा में प्रयास किए गए। उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सराहना भी की।


सिरोंज में सामने आए इन दोनों घटनाक्रमों को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा तेज होने की संभावना है। एक तरफ विधायक की अपील ने बच्चों की शिक्षा में धार्मिक और सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के मुद्दे को सामने रखा है तो दूसरी तरफ मदरसों से संबंधित पत्र ने विद्यार्थियों की संख्या और संस्थानों के संचालन पर ध्यान खींचा है।

बहरहाल विधायक की पोस्ट और मदरसों को बंद दर्ज करने की विभागीय प्रक्रिया अलग-अलग घटनाक्रम हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनके बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता। पूरे मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित संस्थानों की वास्तविक स्थिति क्या है और बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

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