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सवालों में तीन मौतें?: पटवारी-दो बेटों की मौत से पहले का वीडियो जांच में, गला दबाने से गई थी बच्चों की जान
Mon, 19 Oct 2026 06:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 19 Oct 2026 06:08 PM IST
सार
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में पटवारी अजय धाकड़ और उनके दो बेटों की मौत के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कर रही है। प्रारंभिक चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, बच्चों की मौत गला घोंटने से हुई। तीनों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पटवारी अजय धाकड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में पटवारी अजय धाकड़ और उनके दो मासूम बेटों की मौत का मामला अब भी कई अनसुलझे सवालों से घिरा है। रविवार को रेलवे स्टेशन परिसर में सामने आए इस घटनाक्रम के बाद सोमवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अब रेलवे स्टेशन की पार्किंग के सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम से जुड़े तथ्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह दुखद घटना हुई।
जांच के दौरान पिपरिया रेलवे स्टेशन की पार्किंग का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें अजय धाकड़ अपनी कार पार्क करते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के अनुसार, कार खड़ी करने के बाद वह अकेले वहां से जाते नजर आते हैं, जबकि दोनों बच्चे कार में ही मौजूद थे। बाद में कार से उनके बेटों के शव बरामद हुए। पुलिस इस फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए घटनाक्रम के समय और परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। कार पार्क करने से लेकर रेलवे ट्रैक पर हुई घटना तक के बीच क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है।
ये भी पढ़ें- नर्मदापुरम: पिपरिया में पटवारी की ट्रेन से कटकर मौत, रेलवे स्टेशन की पार्किंग में कार से मिले दो बेटों के शव
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सोमवार को पिपरिया सामुदायिक अस्पताल में तीनों शवों का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों की टीम ने किया। डॉक्टर देवेंद्र ठाकुर के अनुसार, बच्चों की गर्दन पर निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक चिकित्सकीय जानकारी में दोनों बच्चों की मौत गला घोंटने से होने की बात कही गई है। हालांकि, मौत से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस ने कार से कुछ सामान भी जब्त किया है, जिनमें चार्जिंग केबल और बेल्ट शामिल हैं। इन वस्तुओं का मामले से क्या संबंध है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पत्नी जाना चाहती थी साथ, पर नहीं ले गया
परिजनों के मुताबिक, अजय धाकड़ रविवार को अपने दोनों बेटों शिवम और समर्थ को फिल्म दिखाने की बात कहकर घर से निकले थे। परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि आगे ऐसी दुखद घटना सामने आएगी। अजय की पत्नी मालती ने भी उनके साथ जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्होंने दोस्तों के साथ जाने की बात कहकर मना कर दिया था। अजय के चाचा प्रताप धाकड़ ने बताया कि परिवार को इस घटना की कोई पूर्व आशंका नहीं थी। परिजनों के अनुसार, अजय की आर्थिक स्थिति अच्छी थी और पति-पत्नी के संबंध भी सामान्य बताए गए हैं। ऐसे में घटना के पीछे की वजह को लेकर परिवार असमंजस में है।
नागपुर में चल रहा था इलाज
परिवार के सदस्यों ने बताया कि अजय धाकड़ पिछले कुछ महीनों से नागपुर में इलाज करा रहे थे। इस जानकारी के आधार पर मानसिक परेशानी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक ऐसी किसी परिस्थिति को घटना का प्रमाणित कारण नहीं बताया गया है। पुलिस भी मौत के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अजय धाकड़ रायसेन जिले के अलीगंज के निवासी थे और उदयपुरा तहसील में पटवारी के पद पर कार्यरत थे। वह सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण सिंह धाकड़ के इकलौते बेटे थे। परिवार में उनकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
तीनों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद परिवार शवों को अपने गांव ले गया, जहां दोनों बच्चों और उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि दोनों बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके बाद अजय धाकड़ रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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जांच के दौरान पिपरिया रेलवे स्टेशन की पार्किंग का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें अजय धाकड़ अपनी कार पार्क करते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के अनुसार, कार खड़ी करने के बाद वह अकेले वहां से जाते नजर आते हैं, जबकि दोनों बच्चे कार में ही मौजूद थे। बाद में कार से उनके बेटों के शव बरामद हुए। पुलिस इस फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए घटनाक्रम के समय और परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। कार पार्क करने से लेकर रेलवे ट्रैक पर हुई घटना तक के बीच क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है।
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सोमवार को पिपरिया सामुदायिक अस्पताल में तीनों शवों का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों की टीम ने किया। डॉक्टर देवेंद्र ठाकुर के अनुसार, बच्चों की गर्दन पर निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक चिकित्सकीय जानकारी में दोनों बच्चों की मौत गला घोंटने से होने की बात कही गई है। हालांकि, मौत से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस ने कार से कुछ सामान भी जब्त किया है, जिनमें चार्जिंग केबल और बेल्ट शामिल हैं। इन वस्तुओं का मामले से क्या संबंध है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पत्नी जाना चाहती थी साथ, पर नहीं ले गया
परिजनों के मुताबिक, अजय धाकड़ रविवार को अपने दोनों बेटों शिवम और समर्थ को फिल्म दिखाने की बात कहकर घर से निकले थे। परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि आगे ऐसी दुखद घटना सामने आएगी। अजय की पत्नी मालती ने भी उनके साथ जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्होंने दोस्तों के साथ जाने की बात कहकर मना कर दिया था। अजय के चाचा प्रताप धाकड़ ने बताया कि परिवार को इस घटना की कोई पूर्व आशंका नहीं थी। परिजनों के अनुसार, अजय की आर्थिक स्थिति अच्छी थी और पति-पत्नी के संबंध भी सामान्य बताए गए हैं। ऐसे में घटना के पीछे की वजह को लेकर परिवार असमंजस में है।
नागपुर में चल रहा था इलाज
परिवार के सदस्यों ने बताया कि अजय धाकड़ पिछले कुछ महीनों से नागपुर में इलाज करा रहे थे। इस जानकारी के आधार पर मानसिक परेशानी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक ऐसी किसी परिस्थिति को घटना का प्रमाणित कारण नहीं बताया गया है। पुलिस भी मौत के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अजय धाकड़ रायसेन जिले के अलीगंज के निवासी थे और उदयपुरा तहसील में पटवारी के पद पर कार्यरत थे। वह सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण सिंह धाकड़ के इकलौते बेटे थे। परिवार में उनकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
तीनों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद परिवार शवों को अपने गांव ले गया, जहां दोनों बच्चों और उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि दोनों बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके बाद अजय धाकड़ रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
