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MP Election: मतदान का वीडियो वायरल करने वाले 17 लोगों पर FIR, प्रतिबंध होने के बाद भी कैसे ले गए कैमरा-मोबाइल?
Thu, 23 Nov 2023 10:38 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 23 Nov 2023 10:38 PM IST
सार
मतदान की गोपनीयता भंग करने के मामले 17 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इन्होंने मतदान के दौरान के वीडियो बना लिए थे और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे।
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MP Election 2023
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वोट डालने के दौरान की तस्वीर-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले 17 लोगों पर अब एफआईआर कर ली गई है। सामाजिक कार्यकर्ता ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी। अब सवाल ये उठ रहा है कि मोबाइल-कैमरा प्रतिबंधित होने के बाद भी इन लोगों ने वीडियो कैसे बनाया?
जानकारी के अनुसार मामला विदिशा जिले के सिरोंज का है। शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी। आवेदन देकर बताया था कि इलाके के कुछ युवाओं ने मतदान करने के दौरान की अपनी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रखी है। ये चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है। साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी।
आवेदन में उल्लेख है कि मतदान केन्द्र पर मोबाइल एवं कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी कुछ मतदाताओं ने केन्द्र पर मोबाइल अथवा कैमरे का उपयोग कर ईवीएम मशीन पर मत देते हुए फोटो लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। उनकी इस पोस्ट से मतदान केन्द्र पर मौजूद निर्वाचन कर्मियों का लापरवाहीभरा रवैया भी उजागर हो रहा है। इस तरह के कृत्यों से मत की गोपनीयता तो भंग होती ही है, साथ ही इसका असर आगामी समय में होने वाले मतदान पर भी पड़ सकता है। इससे चुनाव की अनुशासनात्मक और गरिमा पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उन्होंने अपने आवेदन में अपने मत की गोपनीयता भंग करने वालों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 128 के उल्लंघन के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी। उक्त मामले को सिरोंज प्रशासन ने संज्ञान में लिया और 17 लोगों पर FIR दर्ज कर ली।
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सिरोंज एसडीएम हर्षल चौधरी ने बताया था कि कुछ लोगों ने मतदान की गोपनीयता भंग की है। उन्होंने जिस व्यक्ति को वोट दिया उसके सामने का बटन दबाते और पर्ची निकलते का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया है। ये कृत्य गैरकानूनी है और मतदान की गोपनीयता भंग करने वाला है। मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जा रही है। सत्यता पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार मामला विदिशा जिले के सिरोंज का है। शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी। आवेदन देकर बताया था कि इलाके के कुछ युवाओं ने मतदान करने के दौरान की अपनी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रखी है। ये चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है। साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी।
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आवेदन में उल्लेख है कि मतदान केन्द्र पर मोबाइल एवं कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी कुछ मतदाताओं ने केन्द्र पर मोबाइल अथवा कैमरे का उपयोग कर ईवीएम मशीन पर मत देते हुए फोटो लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। उनकी इस पोस्ट से मतदान केन्द्र पर मौजूद निर्वाचन कर्मियों का लापरवाहीभरा रवैया भी उजागर हो रहा है। इस तरह के कृत्यों से मत की गोपनीयता तो भंग होती ही है, साथ ही इसका असर आगामी समय में होने वाले मतदान पर भी पड़ सकता है। इससे चुनाव की अनुशासनात्मक और गरिमा पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उन्होंने अपने आवेदन में अपने मत की गोपनीयता भंग करने वालों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 128 के उल्लंघन के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी। उक्त मामले को सिरोंज प्रशासन ने संज्ञान में लिया और 17 लोगों पर FIR दर्ज कर ली।
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सिरोंज एसडीएम हर्षल चौधरी ने बताया था कि कुछ लोगों ने मतदान की गोपनीयता भंग की है। उन्होंने जिस व्यक्ति को वोट दिया उसके सामने का बटन दबाते और पर्ची निकलते का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया है। ये कृत्य गैरकानूनी है और मतदान की गोपनीयता भंग करने वाला है। मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जा रही है। सत्यता पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
