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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Uproar over narrator Pradeep Mishra's statement on changing the constitution, demand for registration of FIR

MP News: कथावाचक प्रदीप मिश्रा के संविधान बदलने वाले वीडियो पर बवाल, प्रदर्शन कर FIR दर्ज करने की मांग

Mon, 10 Apr 2023 07:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 10 Apr 2023 07:00 PM IST
सार

उज्जैन में डॉ. अंबेडकर छात्र संगठन और अजाक्स संगठन कहा कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा संविधान बदलने के जो बयान दे रहे हैं उससे हमारी आस्था को ठेस पहुंची है। हमने प्रदर्शन कर प्रदीप मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। अगर मामला दर्ज नहीं किया जाता है तो अजाक्स संगठन प्रदर्शन करेगा।

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Uproar over narrator Pradeep Mishra's statement on changing the constitution, demand for registration of FIR
कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के उज्जैन में सोमवार सुबह को डॉ. अंबेडकर छात्र संगठन और अजाक्स संगठन ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा के संविधान बदलने वाले बयान को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कथावाचक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा संविधान बदलने के जो बयान दे रहे हैं, उससे हमारी आस्था को ठेस पहुंची है। हमने प्रदर्शन कर प्रदीप मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। अगर आठ दिन में कथावाचक मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता है तो अजाक्स संगठन विरोध प्रदर्शन पर उतरेगा। कथावाचक प्रदीप मिश्रा जहां भी कथा करेंगे, हम वहां जाकर विरोध जताएंगे।
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अजाक्स संगठन के धर्मेंद्र सोलंकी ने बताया कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा की ओर से संविधान को बदलने पर जो टिप्पणी की गई है, वह सरासर गलत है। उन्होंने सीहोर में कथा के दौरान सार्वजनिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय एकता के प्रतीक विश्व के सबसे महान संविधान को बदलने की टिप्पणी कर भारत देश के संविधान का अपमान किया है।
 


'हमारे देश के संविधान का अपमान किया है'
धर्मेंद्र सोलंकी ने कहा कि हमारा संविधान सभी जाति, धर्म और वर्गों के लोगों को संपन्नता का अधिकार देता है। उसका अनुसरण कर हमारे भारत देश की समस्त वैधानिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। कथा के दौरान भरी सभा में हजारों लोगों के बीच ऐसे संविधान को बदलने की बात कहकर कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने हमारे देश के संविधान का अपमान किया है। इससे देश के संविधान को मानने और उसमें आस्था-विश्वास रखने वाले लाखों लोगों के साथ हमारी भावना को ठेस पहुंची है। इससे समाज में आक्रोश व्याप्त है।

'प्रदीप मिश्रा का मकान भी तोड़ा जाना चाहिए'
अजाक्स संगठन से जुड़े सदस्यों ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा का कंट्रोल रूम के बाहर ही पुतला दहन कर नारेबाजी की और ज्ञापन भी सौंपा। उसमें मांग की गई कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से जिस तरह से अपराधियों के मकान तोड़ने की कार्रवाई कर रही है। वैसे ही प्रदीप मिश्रा का मकान भी तोड़ा जाना चाहिए।

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