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खंडवा में अनोखा विरोध: पानी संकट पर सुनवाई नहीं होने पर कलेक्टर ऑफिस में ही नाचने लगीं महिलाएं, ज्ञापन देकर मांगा पानी
Wed, 30 Mar 2022 02:48 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 30 Mar 2022 02:48 PM IST
सार
जिले के सुरगांव जोशी गांव की महिलाएं भी पानी की समस्या का ज्ञापन लेकर पहुंची थीं। बाहर महिलाएं डांस करने लगीं। ज्ञापन लेने संयुक्त कलेक्टर कुमार शानू देवरिया पहुंचे, तो हैरत में पड़ गए।
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सुरगांव जोशी गांव की महिलाएं भी पानी की समस्या का ज्ञापन लेकर पहुंची थीं। बाहर महिलाएं डांस करने लगीं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गर्मी आते ही जलसंकट गहराने लगा है। मध्य प्रदेश के निमाड़ में भीषण गर्मी रहती है, वहीं पानी का संकट भी बना रहता है। जिले की सुरगांव जोशी गांव की महिलाएं मंगलवार को पानी की समस्या को लेकर कलेक्टर ऑफिस में ज्ञापन देने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने गणगौर माता के गानों पर नृत्य भी किया। उनका कहना था कि कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे विरोध से शायद जिम्मेदारों का ध्यान हमारी समस्याओं पर जाए। अब ये विरोध चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार जिले में मंगलवार को कलेक्टर ऑफिस में जनसुनवाई का आयोजन होता है। इसमें लोग अपनी समस्याओं के हल की उम्मीद में पहुंचते हैं। जिले के सुरगांव जोशी गांव की महिलाएं भी पानी की समस्या का ज्ञापन लेकर पहुंची थीं। बाहर महिलाएं डांस करने लगीं। ज्ञापन लेने संयुक्त कलेक्टर कुमार शानू देवरिया पहुंचे, तो हैरत में पड़ गए। कुछ देर बाद कर्मचारियों ने महिलाओं को रोका और अधिकारी को ज्ञापन देने के लिए कहा।
महिलाओं का कहना था कि पानी का संकट है। महिलाओं को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों को भी समस्या बता चुके हैं, पर कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। आज यहां आए हैं। कोई ध्यान नहीं देता है तो हमने कुछ अलग करने की ठानी। गणगौर मैया हमारा ध्यान रखती हैं, उन्हीं को समर्पित होकर ये तरीका अपनाया है। गणगौर के गीत, घर म्हारो दूर, गागर म्हारी भारी.. कसी भरी लाऊं जमुना को पानी, गाना शुरू कर दिया। गीत के साथ ही कुछ महिलाओं ने डांस भी किया। महिलाओं ने नारेबाजी भी की।
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महिलाओं का कहना था क कुछ संपन्न लोग 600 रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन 95 फीसद आबादी पेयजल के अभाव में जीवन यापन कर रही है। गांव के गरीब गंदा मटमैला पानी पीने को विवश हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि पेयजल समस्या का उचित समाधान नहीं हुआ तो चक्काजाम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महिलाओं ने कहा कि इससे पहले सांसद, विधायक समेत क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को कई बार आवेदन दे चुके। इसके बाद भी पेयजल समस्या दूर नहीं हो रही है। ज्ञापन देने के दौरान नंनी बाई, कुसुम पटेल, नचई बाई, लता पाटील, कला बाई, भगवती, उमा, संतोष, रिंकू बाई, कांता सरस्वती, उमा, नीला बाई, ममता, राधा आदि महिलाएं शामिल रहीं।
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जानकारी के अनुसार जिले में मंगलवार को कलेक्टर ऑफिस में जनसुनवाई का आयोजन होता है। इसमें लोग अपनी समस्याओं के हल की उम्मीद में पहुंचते हैं। जिले के सुरगांव जोशी गांव की महिलाएं भी पानी की समस्या का ज्ञापन लेकर पहुंची थीं। बाहर महिलाएं डांस करने लगीं। ज्ञापन लेने संयुक्त कलेक्टर कुमार शानू देवरिया पहुंचे, तो हैरत में पड़ गए। कुछ देर बाद कर्मचारियों ने महिलाओं को रोका और अधिकारी को ज्ञापन देने के लिए कहा।
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महिलाओं का कहना था कि पानी का संकट है। महिलाओं को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों को भी समस्या बता चुके हैं, पर कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। आज यहां आए हैं। कोई ध्यान नहीं देता है तो हमने कुछ अलग करने की ठानी। गणगौर मैया हमारा ध्यान रखती हैं, उन्हीं को समर्पित होकर ये तरीका अपनाया है। गणगौर के गीत, घर म्हारो दूर, गागर म्हारी भारी.. कसी भरी लाऊं जमुना को पानी, गाना शुरू कर दिया। गीत के साथ ही कुछ महिलाओं ने डांस भी किया। महिलाओं ने नारेबाजी भी की।
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महिलाओं का कहना था क कुछ संपन्न लोग 600 रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन 95 फीसद आबादी पेयजल के अभाव में जीवन यापन कर रही है। गांव के गरीब गंदा मटमैला पानी पीने को विवश हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि पेयजल समस्या का उचित समाधान नहीं हुआ तो चक्काजाम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महिलाओं ने कहा कि इससे पहले सांसद, विधायक समेत क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को कई बार आवेदन दे चुके। इसके बाद भी पेयजल समस्या दूर नहीं हो रही है। ज्ञापन देने के दौरान नंनी बाई, कुसुम पटेल, नचई बाई, लता पाटील, कला बाई, भगवती, उमा, संतोष, रिंकू बाई, कांता सरस्वती, उमा, नीला बाई, ममता, राधा आदि महिलाएं शामिल रहीं।
