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Umaria News: सात दुकानों के बीज लाइसेंस निलंबित, अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, गुणवत्ताहीन निकले थे सैंपल
Tue, 12 Sep 2023 04:40 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 12 Sep 2023 04:40 PM IST
सार
उमरिया जिले में गुणवत्ताहीन बीज विक्रेताओं के विरूद्ध कृषि विभाग द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए सात दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। बताया गया है कि ये दुकानदार अमानक क्वालिटी के बीज बेंच रहे थे, जिसकी शिकायत मिलने के बाद किसान कल्याण कृषि विकास विभाग के उप संचालक खेलावन डेहरिया ने निरीक्षकों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा कुल सात संस्थानों से बीज के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। जहां से बीजों के गुणवत्ताहीन होने की रिपोर्ट आई। इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विक्रेताओं को सूचना पत्र जारी किया गया। उप संचालक खेलावन डेहरिया ने बताया, सात संचालकों में से पांच ने पत्र का जवाब दिया। जबकि दो ने इसका उत्तर देना भी मुनासिब नहीं समझा।
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समाधानकारक नहीं पाए जाने और दो द्वारा उत्तर नहीं देने के कारण सभी विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। बताया गया है कि कृषि विभाग द्वारा मेसर्स सतीष बीज भंडार ग्राम बिलासपुर से मक्का, मेसर्स कृषि विकास केन्द्र ग्राम चिल्हारी से धान, मेसर्स महाकाल बीच भंडार से तिल, मेसर्स शक्ति सीड सप्लाई उमरिया से धान, मेसर्स लक्ष्मी बीज भंडार मानपुर से धान, मेसर्स गुप्ता कृषि केन्द्र पाली से धान तथा मेसर्स शर्मा बीज भंडार करकेली से धान बीज के सैंपल लिए गए थे, जो अमानक पाए गए, जिसके बाद सभी दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
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किसानों के साथ धोखाधड़ी
गौरतलब है कि जिले में बीज सप्लाई के कार्य में धोखाधड़ी का सिलसिला काफी पुराना है। कई दुकानदार प्रतिष्ठित कम्पनियों के नाम पर लोकल माल बेचने के गोरखधंधे में लगे हुए हैं। किसानों और उनकी दयनीय माली हालत से उनका कोई लेना-देना नहीं है। धंधेबाजों के झांसे में आने के बाद किसान कर्ज लेकर बीज और खाद जमीन में उड़ेल देते हैं। परंतु प्रोडक्शन न मिलने के बाद उन्हें पता चलता है कि माल तो नकली था। ऐसे में उनकी पूंजी और मेहनत, सब कुछ मिट्टी में मिल जाता है। जानकारों का मानना है कि इनमें से कई कारोबारी रसूखदार हैं, जिनकी ऊपर तक पकड़ है। इसके बावजूद विभाग ने पहली बार उनके गिरेबान पर हाथ डालने की जुर्रत की है।
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जारी रहेगी कार्रवाई
किसानों को सही एवं मानक बीज-खाद उपलब्ध कराना विभाग की पहली प्राथमिकता है। वे कड़ी मेहनत से अपना सब कुछ दांव पर लगाकर खेती करते हैं। लेकिन सामग्री गुणवत्ताहीन होने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। जिले में इस तरह की मुहिम आगे भी लगातार चलती रहेगी। जांच में अमानक खाद-बीज बेचने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
