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Umaria News: रेस्क्यू के कुछ ही घंटे में खूंखार भालू की मौत, रेबीज नामक बीमारी की आशंका

Sat, 16 Dec 2023 07:37 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 16 Dec 2023 07:37 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में रेस्क्यू के कुछ ही घंटे में खूंखार भालू की मौत हो गई। भालू के मौत होने की वजह को लेकर रेबीज नामक बीमारी पर आशंका जताई जा रही है।

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Umaria News Dreaded bear dies within few hours of rescue
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उमरिया पार्क प्रबंधन को करीब तीन दिन से नाक में दम किए खूंखार भालू की अंततः शुक्रवार देर रात मौत हो गई। मौत के क्या कारण हैं, फिलहाल स्पष्ट नहीं है। लेकिन लक्षण के दृष्टिगत खूंखार भालू रेबीज नामक बीमारी से ग्रसित रहा है, जिस वजह से हाल के दिनों में उसका व्यवहार आक्रामक बना रहा।

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बता दें कि इसी आक्रामकता की वजह से ग्राम गुरुवाही की शकुंतला बाई पर हमला कर मौत की नींद सुला दिया था। इसके अलावा महिला को बचाने गए सरपंच सहित कई स्थानीय लोगों को गंभीर रूप से जख्मी भी किया था। मृत भालू का शरीर कई जगह चोटिल भी रहा है।
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सूत्रों की माने तो गले में सूजन, पैर में घाव समेत शरीर के कई हिस्सों में जख्म रहे हैं। पशु विशेषज्ञों की माने तो वन्यप्राणी भालू शर्मीले स्वभाव का होता है, पर गुरुवाही बीट में रेस्क्यू कर कब्जे में लिया गया। खूंखार भालू आक्रामक स्वभाव का हो गया था, जिस वजह से प्राथमिक दृष्ट्या रेबीज नामक बीमारी के लक्षण लक्षित होते हैं। हालांकि, सैंपलिंग ली गई है, रिपोर्ट आने पर मौत के कारण और स्पष्ट हो सकेंगे।
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सूत्रों की माने तो रेस्क्यू के बाद ताला कैम्प्स में लाए गए खूंखार भालू का इलाज पशु चिकित्सक डॉ काजल जाधव कर रही थी। भालू की मौत के बाद इस मामले में यह भी बड़ा सवाल है कि भालू हमले में घायल लोगों को रेबीज बीमारी से जुड़ा इलाज किया गया है या नहीं। दरअसल, भालू, कुत्ते, लोमड़ी, सियार समेत कई जानवरों में रेबीज वायरस होने की आशंका होती है। इन परिस्थितियों में संक्रमित जानवरों के काटने से इंसानों में वायरस का प्रसार होने की संभावना बनी रहती है। इंसानों में इसका प्रभाव कई साल या कुछ महीनों में हो सकता है। भालू ने रेस्क्यू के दौरान हाथी पर भी हमला किया था, जिसे बाद में एंटीरेबीज इंजेक्शन दिया गया था।

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