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Umaria: मझखेता में आतंक का पर्याय बने बाघ को टीम ने पकड़ा; तीन माह में तीन की ले चुका था जान, कई हुए जख्मी
Tue, 05 Sep 2023 08:35 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 05 Sep 2023 08:35 PM IST
सार
उमरिया के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिसर्व में आतंक का पर्याय बन चुके बाघ को प्रबंधन ने रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया है। टीम बीते दो सप्ताह से बाघ की निगरानी में लगी हुई थी।
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बाघ को रेस्क्यू कर ले जाते वन विभाग के लोग।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र के नजदीकी गांव मझखेता में दहशत मचाने वाले बाध को पार्क की टीम ने काबू कर लिया है। बाघ ने हमेशा ही गांव की तरफ रूख किया करता था। बीते कुछ दिनों ने उसने कई लोगों पर हमला किया। बाघ के हमले में अब तक तीन लोगों की मौत चुकी है।
उमरिया के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिसर्व में आतंक का पर्याय बन चुके बाघ को प्रबंधन ने रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया है। बीते दो सप्ताह की मशक्कत के बाद पार्क की टीम को बाघ को काबू करने में सफलता हासिल हुई है। वहीं, अब पार्क के 72 कर्मचारियों और सात हाथियों का दल बीते दो सप्ताह से बाघ की निगरानी और उसे रेस्क्यू कर उस क्षेत्र से हटाने में जुटा था।
बता दें आतंकी बाघ ने टाइगर रिसर्व के समीपी गांव मझखेता सहित आधा दर्जन गांवों में दहशत बना रखी थी। तीन माह में तीन लोगों के ऊपर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से इलाके में हड़कंप और आक्रोश की स्थित बनी हुई थी। तब पार्क प्रबंधन ने बाघ को उस इलाके से हटाने की रणनीति के तहत बाघ का रेस्क्यू कर बाड़े में कैद कर दिया है।
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उमरिया के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिसर्व में आतंक का पर्याय बन चुके बाघ को प्रबंधन ने रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया है। बीते दो सप्ताह की मशक्कत के बाद पार्क की टीम को बाघ को काबू करने में सफलता हासिल हुई है। वहीं, अब पार्क के 72 कर्मचारियों और सात हाथियों का दल बीते दो सप्ताह से बाघ की निगरानी और उसे रेस्क्यू कर उस क्षेत्र से हटाने में जुटा था।
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बता दें आतंकी बाघ ने टाइगर रिसर्व के समीपी गांव मझखेता सहित आधा दर्जन गांवों में दहशत बना रखी थी। तीन माह में तीन लोगों के ऊपर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से इलाके में हड़कंप और आक्रोश की स्थित बनी हुई थी। तब पार्क प्रबंधन ने बाघ को उस इलाके से हटाने की रणनीति के तहत बाघ का रेस्क्यू कर बाड़े में कैद कर दिया है।
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