फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Umaria News ›   Krishna Janmastmi: Umaria Bandhwadhish temple opens only once a year

MP News: जन्माष्टमी पर ही खुलता है ये मंदिर; जंगल में पैदल चलने के बाद मिलते हैं दर्शन, जानें क्या है मान्यता

Thu, 07 Sep 2023 02:18 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 07 Sep 2023 02:18 PM IST
सार

आज जन्माष्टमी पर भगवान बांधवाधीश का दर्शन करने यहां लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

विज्ञापन
Krishna Janmastmi: Umaria Bandhwadhish temple opens only once a year
भगवान बांधवाधीश का मंदिर। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

पूरी दुनिया में आज श्रीकृष्ण के जन्म की धूम मची हुई है। लोग श्रीकृष्ण के मंदिरों में  दूर-दूर से जाकर पूजन अर्चन कर रहे हैं। ऐसा ही एक मंदिर मध्य प्रदेश के वनांचल क्षेत्र के उमरिया में है जो सिर्फ साल में एक बार ही खुलता है। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। प्रशासन की निगरानी यहां बनी रहती है, क्योंकि यह मंदिर पूरी तरह से जंगल के बीच है।

विज्ञापन


बता दें कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत यह पूरा मंदिर आता है। यहां आठ किलोमीटर दूर पैदल सफर करने के बाद लोग मंदिर तक पहुंच पाते हैं और भगवान का दर्शन करते हैं। इसके साथ ही साथ है जंगली जीवों का यहां खतरा लगातार मारता रहता है, क्योंकि यहां शेर, हाथी, चीते, बाघ से लेकर सांप सभी तरह के जीव-जंतु पाये जाते हैं। इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है।
विज्ञापन


बाघ करते हैं मंदिर की सुरक्षा
यही इस आसपास के गांव के लोग कहते हैं कि इस मंदिर की सुरक्षा खुद बाघों के द्वारा की जाती है। यहां एक नहीं दो नहीं बल्कि 40 से अधिक संख्या में बाघ हैं जोकि मंदिर के आसपास हमेशा घूमते रहते हैं। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। भगवान बांधवधीस के सेवक के रूप में उन्हें गिना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




जन्माष्टमी पर होता है भव्य मेले का आयोजन
इतना ही नहीं बल्कि यहां श्री कृष्ण जन्माष्टमी की अवसर पर भव्य मेरे का आयोजन किया जाता है। यहां आज के दिन बांधवगढ़ नेशनल पार्क के गेट भक्तों के लिए पूरी तरह से खोल दिए जाते हैं। भक्तगण लगभग 8 किलोमीटर की ट्रैकिंग करके पैदल चलकर किले के पास पहुंचते थे। यहां इस किले के अंदर राम जानकी मंदिर है, जिसमें भगवान के दर्शन करने भक्त पहुंचते हैं।



शिवपुराण में भी मिलता है किले का जिक्र
वहीं कुछ इतिहासकारों और धार्मिक जानकारों यह बताते हैं कि बांधवगढ़ का ये किला लगभग दो हजार साल पहले बनाया गया था। इसका जिक्र भी शिवपुराण में भी मिलता है। जहां इस किले को रीवा के राजा विक्रमादित्य सिंह ने बनवाया था। किले में जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है, जोकि बांधवगढ़ नेशनल पार्क के घने जंगलों से होकर ही गुजरता है।



किले की लोककथा
इस किले को लेकर एक लोककथा भी प्रचलित है। कहते हैं कि इस किले के नाम के पीछे भी पौराणिक गाथा है। जनश्रुति है कि भगवान राम ने वनवास से लौटने के बाद अपने भाई लक्ष्मण को ये किला भेंट किया था। पुराण और शिव संहिता में भी इस किले का वर्णन भी मिलता है। बांधवगढ़ की जन्माष्टमी सदियों से भी पुरानी है। पहले ये रीवा रियासत की राजधानी हुआ करती थी। तभी से यहां जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता रहा है। आज भी इस इलाके के लोग उस परंपरा का भी पालन कर रहे हैं।




भगवान विष्णु की अद्भुत शेषनाग सैया की मूर्ति
यहां बांधवाधीश मंदिर जाने पर पहला पड़ाव तब मिलता जब शेष शैय्या मिलती है। जहां भगवान विष्णु की अद्भुत मूर्ति के लोगों के दर्शन होते हैं। इसे देखकर हर कोई व्यक्ति अचंभित हो जाता है। यहां भगवान विष्णु की लेटी हुई विशाल पत्थर की अद्भुत मूर्ति विराजमान है, जिसे लोग शेषसैया के नाम से जानते हैं और लोग इसके दर्शन का लाभ लेने के लिए भी उस दिन पहुंचते हैं। शेषसैया के पास ही एक छोटा सा कुंड भी दिखाई देता है। जहां से ठंडा पानी अविरल बहता रहता है। यहां पर साल भर पानी की एक अविरल धारा उनके पैर से आती है और तालाब में एकत्रित होती है। यहां पर कई विशाल दरवाजे स्थित हैं, जिनका निर्माण भी किले की सुरक्षा के लिए किया गया था। यहां इन दरवाजों को पार करने के बाद ही श्रद्धालु राम जानकी मंदिर पर पहुंचते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed