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Umaria News: जिला अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की हुई फजीहत, 500 मरीज बिना इलाज के लौटे
Fri, 16 Aug 2024 10:26 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Fri, 16 Aug 2024 10:26 PM IST
सार
उमरिया जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। डॉक्टरों की इस हड़ताल के कारण सबसे बड़ी परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी है। करीब 500 मरीज पर्ची कटाकर बिना इलाज के लौट गए।
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उमरिया में मरीज परेशान होते रहे।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
डॉक्टर एसोसिएशन के आव्हान पर जिले भर के सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल की और ओपीडी बंद रखी। इसके कारण सुबह से आए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं गंभीर मरीजों के लिए एमरजेंसी वार्ड खुला रखा गया था। सुबह 9 बजे से करीब 500 मरीजों की पर्चियां ओपीडी से काटी गई हैं, जिन्हें इलाज नहीं मिल सका है।
डॉक्टरों की इस हड़ताल के कारण सबसे बड़ी परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी है। पश्चिम बंगाल में हो रही बर्बरता और गत दिनों वहां एक महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के विरोध में आज उमरिया जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी थी, जिसके बाद पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया था। इस दौरान हाथों में पर्चे लिए मरीज और उनके परिजन डॉक्टरों को तलाशते रहे। वहीं कई गंभीर मरीजों को इलाज नसीब नहीं हो सका है। इस दौरान सुबह से अपना इलाज कराने आई गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक थी और वे कराहती हुई डॉक्टरों का इंतजार करती रहीं। पूरे जिले भर में बंद हुई ओपीडी से स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प पड़ गई और मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे।
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डॉक्टरों की इस हड़ताल के कारण सबसे बड़ी परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी है। पश्चिम बंगाल में हो रही बर्बरता और गत दिनों वहां एक महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के विरोध में आज उमरिया जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी थी, जिसके बाद पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया था। इस दौरान हाथों में पर्चे लिए मरीज और उनके परिजन डॉक्टरों को तलाशते रहे। वहीं कई गंभीर मरीजों को इलाज नसीब नहीं हो सका है। इस दौरान सुबह से अपना इलाज कराने आई गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक थी और वे कराहती हुई डॉक्टरों का इंतजार करती रहीं। पूरे जिले भर में बंद हुई ओपीडी से स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प पड़ गई और मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे।
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