Umaria: इलाज के अभाव में मृत हेमा पटेल की मौत के मामले में लैब टेक्नीशियन पर गिरी गाज, BMO पर कार्रवाई की मांग
उमरिया जिले के मानपुर सीएचसी में डॉक्टरों की लापरवाही से हेमा पटेल की मौत हो गई। परिजनों ने बीएमओ निशांत सिंह परिहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन बीएमओ को निलंबित नहीं किया गया। लैब टेक्नीशियन सत्यम गुप्ता को पद से हटाया गया। जांच और सुधार के निर्देश दिए गए।
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उमरिया जिले के मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ग्राम कछौहा निवासी हेमा पटेल की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने के कारण हेमा की मौत हुई। इसके विरोध में परिजनों ने शव को सीएचसी के गेट पर रखकर धरना दिया और बीएमओ निशांत सिंह परिहार को दंडात्मक कार्रवाई के तहत सीएचसी से हटाने की मांग की। उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने परिजनों से फोन पर बात की और विश्वास दिलाया कि वह जिम्मेदार बीएमओ पर कार्रवाई करेंगे।
इसके बाद अगले दिन संयुक्त टीम ने सीएचसी मानपुर की जांच की और वहां की अव्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए। हालांकि, बीएमओ निशांत सिंह परिहार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि शेवारात लैब टेक्नीशियन सत्यम गुप्ता को पद से हटा दिया गया। यह बात भी सामने आई कि बीएमओ परिहार मानपुर में रहने के बजाय ब्योहारी में रहते हैं और महीनों में एक या दो बार ही मानपुर आते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवा में खामियां आईं।
हेमा पटेल की मौत के कारणों पर जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, और सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले में सिर्फ लैब टेक्नीशियन को हटाकर पूरी घटना की जांच को समाप्त कर दिया जाएगा।
