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Umaria News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दैनिक वेतनभोगी अनशन पर, ये हैं सात सूत्रीय मांगें
Mon, 08 May 2023 06:09 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 08 May 2023 06:09 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दैनिक वेतनभोगी अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उनकी सात सूत्रीय मांगें हैं, जो कई साल से लंबित पड़ी हैं।
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दैनिक वेतनभोगी अनशन पर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दैनिक वेतनभोगी और सुरक्षा श्रमिक अपनी कई साल से लंबित सात सूत्रीय मांगों को लेकर तालाबंदी कर बांधवगढ़ में धरने पर बैठ गए। वन विभाग दैनिक श्रमिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने बताया, हमारी सात सूत्रीय मांगें लंबित हैं। हम लगातार जिला स्तर, संभाग स्तर एवं उच्च स्तर पर वन विभाग में कार्यरत दैनिक सुरक्षा श्रमिकों/स्थाई कर्मियों की जायज मांगों के निराकरण कराए जाने के संबंध में मांग करते आ रहे हैं।
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किन्तु आज दिनांक तक विभाग द्वारा यह शासन/प्रशासन द्वारा दैनिक सुरक्षा श्रमिकों सहित अन्य सवर्ग कर्मचारियों की न्याय उचित मांगों का किसी भी तरह का निराकरण नहीं किया गया, जिसमें वन विभाग में अपनी जान जोखिम में डालकर वन संपदा एवं टाइगर रिजर्व की सुरक्षा करने वाले कर्मचारियों में असंतोष एवं रोष है, जिसके चलते वन विभाग मध्यप्रदेश में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक/स्थाई कर्मी/वाहन चालक/कम्प्यूटर ऑपरेटर/सहायक महावत (चारा कटर) के सात सूत्रीय मांगों का निराकरण न होता देख अब धरने पर बैठ गए हैं।
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इनकी सात सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं...
- वन विभाग में कार्यरत दैनिक सुरक्षा श्रमिकों की सीनियरिटी तैयार कर स्थाई कर्मी में समाहित किया जाए/वन विभाग दैनिक श्रमिकों की वरियता सूची तैयार की जाए।
- वन विभाग में दैनिक श्रमिकों की मूल वेतन का 30 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दिलाया जाए।
- वन विभाग दैनिक श्रमिकों को कार्य के दौरान मृत्यु और जानवरों के द्वारा मार दिया जाता है। उनके आश्रित परिवार को नौकरी या मुआवजा दिलाया जाए।
- वन विभाग दैनिक श्रमिकों को कार्य से पृथक किया गया, उन्हें दोबारा कार्य पर रखा जाए।
- वन विभाग के दैनिक श्रमिकों का पांच साल पूरा होने पर उन्हें कुशल श्रमिक का पेमेन्ट दिलाया जाए।
- वन विभाग में दैनिक श्रमिक की डयूटी आठ घंटे निर्धारित किया जाए।
- वन विभाग स्थाई कर्मी को नियमित एवं सांतवा वेतन मांग दिलाया जाए/दैनिक श्रमिकों को 2013 से राशन भत्ता का एरियर्स दिलाया जाए।
- हम दैनिक श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमें स्थाई कर्मी बनाया जाए।
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