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Ujjain: सरकार-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाकर हार गया भेरूलाल, शिकायत करने उल्टा लेटकर आ रहा महाकाल के दरबार
Mon, 27 Mar 2023 11:14 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 27 Mar 2023 11:14 AM IST
सार
राजगढ़ से 71 वर्षीय वृद्ध के पीठ के बल लेटकर बाबा महाकाल के दरबार आने की खबर सुर्खियों में बनी हुई है। बताया जाता है कि उक्त वृद्ध किसी मनोकामना के पूर्ण होने पर ऐसा नहीं कर रहे हैं बल्कि वे प्रशासन द्वारा अनसुनी किए जाने से परेशान हैं। अब महाकाल से गुहार लगाएंगे।
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बाबा महाकाल से गुहार लगाने उल्टा लेटकर पहुंच रहे हैं 71 वर्षीय वृद्ध।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उज्जैन। राजगढ़ में प्लॉट पर दबंगों द्वारा कचरा और गोबर फेंकने से परेशान 71 वर्षीय वृद्ध भेरूलाल का अनूठा विरोध चर्चा में है। वे पीठ के बल लेटकर बाबा महाकाल के दरबार पहुंच रहे हैं। वृद्ध किसी मनोकामना के पूर्ण होने पर ऐसा नहीं कर रहे हैं बल्कि वे भी प्रशासन के सताए हुए हैं, उन्होंने जिम्मेदारों से शिकायत की थी और बताया था कि कचरा ओर गोबर फेंकने से जो दुर्गन्ध आती है उससे हमें परेशान होना पड़ता है। लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने ये तरीका अपनाया है। वे महाकाल के दरबार में गुहार लगाएंगे।
कहने को तो मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की फरियाद सुनने का दावा करती है। लेकिन पिछले एक माह में ही उज्जैन से दो ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने से ही नहीं बल्कि जिम्मेदारों के पास पहुंचकर लिखित में शिकायत करने पर भी समस्याओ का निदान नहीं हुआ। थक हारकर पीड़ितों ने अपने साथ हो रहे अत्याचार को सभी को बताने का प्रयास किया है। कुछ दिनों पूर्व उज्जैन के कोठी रोड पर तराना के कनासिया के एक सुखराम और उनकी बहन अपने हाथों में तख्तियां लेकर निकले थे और यह अंधा कानून है का गाना बजाकर अपने साथ हुए अन्याय को सभी को बता रहे थे। अभी शहरवासी इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को भूल भी नहीं पाए थे कि राजगढ़ से 71 वर्षीय वृद्ध के पीठ के बल लेटकर बाबा महाकाल के दरबार आने की खबर फिर सुर्खियों में बनी हुई है। वृद्ध की समस्या को गांव के सरपंच, सचिव, माचलपुर के नायब तहसीलदार और तो और सीएम हेल्पलाइन पर भी गंभीरता से नहीं लिया गया। जिससे नाराज होकर अब वृद्ध का सरकार पर कोई भरोसा नहीं रहा और अब इस समस्या के निदान को लेकर वे बाबा महाकाल के दरबार में आ रहे हैं जहां पर बाबा महाकाल को अपनी शिकायत सुनाएंगे और इस समस्या का हल करने का निवेदन करेंगे।
कचरे ओर दुर्गंध से परेशान हैं भेरूलाल का परिवार
71 साल के भेरूलाल ग्राम जैथली राजगढ़ के रहने वाले हैं। वे पत्नी केसरबाई और बच्चों के साथ रहते हैं। साल 2021 में गांव के ही कुछ दबंगों ने अतिक्रमण करने के लिए भेरूलाल के घर जाने वाले रास्ते के पास खाली जगह पर गोबर फेंकना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे गोबर का ढेर बन गया। इससे वहां बदबू फैलने लगी। बदबू के मारे बुजुर्ग का परिवार परेशान हो गया। भेरूलाल पीड़ा लेकर सरपंच के पास पहुंचे। सचिव के हाथ-पैर जोड़े, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परेशान बुजुर्ग माचलपुर नायब तहसीलदार के पास शिकायत लेकर पहुंचे। लंबे इंतजार के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ, तो सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत के बाद अतिक्रमण करने वालों पर मात्र कुछ जुर्माना हुआ और आदेश हवा हो गए।
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एक-दो दिनों में पहुंचेंगे उज्जैन
बाबा महाकाल पर अटूट विश्वास रखने वाले वृद्ध भेरूलाल बाबा महाकाल से इस बारे में शिकायत करने उज्जैन आ रहे हैं। वे उल्टा लेट लगाकर उज्जैन आ रहे हैं उनका कहना है कि महाकाल मेरी शिकायत जरूर सुनेंगे। भेरूलाल के पास सूटकेस पर एक ध्वज बंधा है। वे उज्जैन के लिए नंगे पैर ही निकल पड़े हैं। वे 1 से 2 दिन में उज्जैन पहुंचकर महाकाल को अपनी अर्जी लगाएंगे।
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कहने को तो मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की फरियाद सुनने का दावा करती है। लेकिन पिछले एक माह में ही उज्जैन से दो ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने से ही नहीं बल्कि जिम्मेदारों के पास पहुंचकर लिखित में शिकायत करने पर भी समस्याओ का निदान नहीं हुआ। थक हारकर पीड़ितों ने अपने साथ हो रहे अत्याचार को सभी को बताने का प्रयास किया है। कुछ दिनों पूर्व उज्जैन के कोठी रोड पर तराना के कनासिया के एक सुखराम और उनकी बहन अपने हाथों में तख्तियां लेकर निकले थे और यह अंधा कानून है का गाना बजाकर अपने साथ हुए अन्याय को सभी को बता रहे थे। अभी शहरवासी इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को भूल भी नहीं पाए थे कि राजगढ़ से 71 वर्षीय वृद्ध के पीठ के बल लेटकर बाबा महाकाल के दरबार आने की खबर फिर सुर्खियों में बनी हुई है। वृद्ध की समस्या को गांव के सरपंच, सचिव, माचलपुर के नायब तहसीलदार और तो और सीएम हेल्पलाइन पर भी गंभीरता से नहीं लिया गया। जिससे नाराज होकर अब वृद्ध का सरकार पर कोई भरोसा नहीं रहा और अब इस समस्या के निदान को लेकर वे बाबा महाकाल के दरबार में आ रहे हैं जहां पर बाबा महाकाल को अपनी शिकायत सुनाएंगे और इस समस्या का हल करने का निवेदन करेंगे।
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कचरे ओर दुर्गंध से परेशान हैं भेरूलाल का परिवार
71 साल के भेरूलाल ग्राम जैथली राजगढ़ के रहने वाले हैं। वे पत्नी केसरबाई और बच्चों के साथ रहते हैं। साल 2021 में गांव के ही कुछ दबंगों ने अतिक्रमण करने के लिए भेरूलाल के घर जाने वाले रास्ते के पास खाली जगह पर गोबर फेंकना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे गोबर का ढेर बन गया। इससे वहां बदबू फैलने लगी। बदबू के मारे बुजुर्ग का परिवार परेशान हो गया। भेरूलाल पीड़ा लेकर सरपंच के पास पहुंचे। सचिव के हाथ-पैर जोड़े, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परेशान बुजुर्ग माचलपुर नायब तहसीलदार के पास शिकायत लेकर पहुंचे। लंबे इंतजार के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ, तो सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत के बाद अतिक्रमण करने वालों पर मात्र कुछ जुर्माना हुआ और आदेश हवा हो गए।
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एक-दो दिनों में पहुंचेंगे उज्जैन
बाबा महाकाल पर अटूट विश्वास रखने वाले वृद्ध भेरूलाल बाबा महाकाल से इस बारे में शिकायत करने उज्जैन आ रहे हैं। वे उल्टा लेट लगाकर उज्जैन आ रहे हैं उनका कहना है कि महाकाल मेरी शिकायत जरूर सुनेंगे। भेरूलाल के पास सूटकेस पर एक ध्वज बंधा है। वे उज्जैन के लिए नंगे पैर ही निकल पड़े हैं। वे 1 से 2 दिन में उज्जैन पहुंचकर महाकाल को अपनी अर्जी लगाएंगे।
