Ujjain: मंदसौर में जिन किसानों को मारी गई थी गोली, उनके लिए निकल रही पैदल यात्रा
किसानों को उनके अधिकार दिलाने के लिए इन दिनों उज्जैन जिले में आठ दिवसीय पैदल यात्रा निकाली जा रही है। जो कि 111 गांवों से होते हुए तकरीबन 404 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
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16 दिसंबर 2022 को बड़नगर के बोरेश्वर महादेव गंगवाड़ा से शुरू हुई किसानों को उनके अधिकार दिलाने की आठ दिवसीय पैदल यात्रा 23 दिसंबर 2022 तक जारी रहेगी, जिसमे वर्तमान में किसानों की खाद, बिजली और फसलों के उचित दाम न मिलने की समस्या को लेकर किसानों की आवाज बुलंद की जा रही है।
अमर शहीद किसान श्रद्धांजलि रथ यात्रा निकालने वाले किसान नेता मोहन सिंह पलदूना ने इस पूरी यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि सत्ता में बैठे लोग वोट के नाम पर हमेशा किसानों से छलावा करते रहे हैं। साल 2018 मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि साल 2022 तक वह किसानों की आय को दोगुनी कर देंगे। आपने बताया कि साल 2022 तक यह आय किसानों की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की बढ़ गई है। किसान तो आज भी यूरिया खाद न मिलने से परेशान हैं। बिजली कटौती इतनी अधिक हो रही है कि रात भर बिजली का इंतजार करने के बाद भी खेतों में कम वोल्टेज के कारण मोटर नहीं चल पा रही है। मंडियों में भी किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है।
किसानों को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जा रही यात्रा...
किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमर शहीद किसान श्रद्धांजलि रथ यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें 6 जून 2017 को मंदसौर में हुए गोलीकांड के दौरान मारे गए छह किसानों की चरण पादुका इस रथ में रखी गई है। रथ यात्रा के आगे इन अमर शहीद किसानों के फोटो लगाए गए हैं। इस रथ यात्रा के माध्यम से शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। याद रहे कि मंदसौर में हुए गोलीकांड के दौरान किसान अपना अधिकार मांग रहे थे, तभी किसानों पर लाठियां भांजने के बाद गोलियां चलाई गई थी, जिसमें छह किसानों की मौत हो गई थी।
किसान आंदोलन में पलदूना भी हुए थे घायल...
साल 2017 में बड़नगर में हुए किसान आंदोलन के दौरान किसान नेता मोहन सिंह पलदूना को भी किसानों की आवाज उठाने पर प्रशासन के आक्रोश का सामना करना पड़ा था। इस दौरान एसडीएम द्वारा भांजी गई लाठियों से किसान नेता मोहन सिंह पलदूना भी घायल हुए थे और इनके हाथों मे गंभीर चोट आई थी।
