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Ujjain: लुटेरों को दंपती की हत्या करने के बाद जरा भी नहीं था पछतावा, सुबह गए नौकरी पर शाम को शादी में की मौज
Thu, 01 Feb 2024 06:18 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 01 Feb 2024 06:18 PM IST
सार
उज्जैन में दोहरे हत्याकांड के आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हत्या के बाद आरोपी घर लौटे और सामान्य व्यवहार करने लगे। वे सुबह नौकरी पर भी गए शाम को शादी में मौज उड़ाने भी पहुंचे।
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दोहरे हत्याकांड के आरोपियों से पूछताछ जारी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उज्जैन के नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश में वरिष्ठ भाजपा नेता और उनकी पत्नी के डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस ने सुलझाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन आरोपियों द्वारा पुलिस को दिए गए बयान से यह बात साबित होती है कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। लूट करने की नीयत से घर मे घुसे आरोपियों को सिर्फ और सिर्फ लूट से मिलने वाले रुपये और आभूषणों से ही लेना-देना था इसीलिए जब घर में घुसते ही उन्हें यह दंपती दिखाई दिए तो पहले इन्होंने न सिर्फ निर्दयतापूर्वक उनकी हत्या कर दी बल्कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारे सुबह तीन बजे रामनिवास कुमावत के घर से निकलने के बाद सुबह अपने समय पर काम पर गए और काम खत्म करने के बाद देवास मे एक शादी समारोह में भी शामिल हुए। शादी में इन्होंने कई प्रकार के जायकों का लुत्फ भी लिया।
बता दें कि 26 जनवरी की रात्रि को देवास रोड स्थित ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश में अज्ञात आरोपियों ने रामनिवास कुमावत (70) और उनकी पत्नी मुन्नीबाई कुमावत (65) की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार सुराग जुटा रही थी, जिसमें पुलिस को सफलता मिली और पुलिस ने अल्फेस पिता लियाकत शाह (19) निवासी ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश, आरिफ पिता मक्कू उर्फ मेहरबान शाह (22), विशाल पिता मिश्रीलाल बागवान और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया था।
कुमावत के घर में काम करने वाली महिला के भाई को भी दिया था लालच
पुलिस की पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने इस वारदात को आसानी से अंजाम देने के लिए भी मेहनत की थी। इन लोगों ने रामनिवास कुमावत के घर में काम करने वाली एक महिला के भाई को अपने साथ मिला लिया था। लेकिन यहां जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो फिर अल्फेज और आरिफ ने नया प्लान बनाया और इस घटना को अंजाम दे दिया। घटना के समय आरिफ और अल्फेज अपने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था जबकि अन्य दो आरोपियों ने घर के बाहर खड़े होकर आने जाने वालों पर लोगो पर निगाह रखी।
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इसीलिए हत्यारों के हौसले थे बुलंद
बताया जाता है कि हत्यारे पहले भी रामनिवास कुमावत के मकान से छोटी-मोटी चोरी कर चुके थे। इन चोरी के बाद वे कभी पकड़ में नहीं आ पाए थे यही कारण था कि इन हत्यारो के हौसले बुलंद थे। याद रहे कि रामनिवास कुमावत हर व्यक्ति की मदद कर देते थे, इसीलिए इन आरोपियों को यह पता था कि घर में लाखों रुपये की नगदी और आभूषण हैं। लेकिन रामनिवास और मुन्नीबाई की जान लेने के बाद भी जब तिजोरी नहीं खुली तो यह आरोपी नगदी, मंगलसूत्र, कान के टॉप्स, पायजेब और 5 जिंदा कारतूस लेकर यहां से भाग गए थे।
आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को कड़ी मेहनत करना पड़ी। घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया था, इसके बाद एसआईटी की टीम में इस पूरे हत्याकांड को सुलझाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच कर रही थी। पूछताछ के दौरान उन्हें जानकारी लगी कि ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश में रहने वाले कुछ लोगों ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। इसके बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हो पाया और चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ गए।
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बता दें कि 26 जनवरी की रात्रि को देवास रोड स्थित ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश में अज्ञात आरोपियों ने रामनिवास कुमावत (70) और उनकी पत्नी मुन्नीबाई कुमावत (65) की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार सुराग जुटा रही थी, जिसमें पुलिस को सफलता मिली और पुलिस ने अल्फेस पिता लियाकत शाह (19) निवासी ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश, आरिफ पिता मक्कू उर्फ मेहरबान शाह (22), विशाल पिता मिश्रीलाल बागवान और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया था।
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कुमावत के घर में काम करने वाली महिला के भाई को भी दिया था लालच
पुलिस की पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने इस वारदात को आसानी से अंजाम देने के लिए भी मेहनत की थी। इन लोगों ने रामनिवास कुमावत के घर में काम करने वाली एक महिला के भाई को अपने साथ मिला लिया था। लेकिन यहां जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो फिर अल्फेज और आरिफ ने नया प्लान बनाया और इस घटना को अंजाम दे दिया। घटना के समय आरिफ और अल्फेज अपने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था जबकि अन्य दो आरोपियों ने घर के बाहर खड़े होकर आने जाने वालों पर लोगो पर निगाह रखी।
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इसीलिए हत्यारों के हौसले थे बुलंद
बताया जाता है कि हत्यारे पहले भी रामनिवास कुमावत के मकान से छोटी-मोटी चोरी कर चुके थे। इन चोरी के बाद वे कभी पकड़ में नहीं आ पाए थे यही कारण था कि इन हत्यारो के हौसले बुलंद थे। याद रहे कि रामनिवास कुमावत हर व्यक्ति की मदद कर देते थे, इसीलिए इन आरोपियों को यह पता था कि घर में लाखों रुपये की नगदी और आभूषण हैं। लेकिन रामनिवास और मुन्नीबाई की जान लेने के बाद भी जब तिजोरी नहीं खुली तो यह आरोपी नगदी, मंगलसूत्र, कान के टॉप्स, पायजेब और 5 जिंदा कारतूस लेकर यहां से भाग गए थे।
आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को कड़ी मेहनत करना पड़ी। घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया था, इसके बाद एसआईटी की टीम में इस पूरे हत्याकांड को सुलझाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच कर रही थी। पूछताछ के दौरान उन्हें जानकारी लगी कि ग्राम पिपलोदा द्वारकाधीश में रहने वाले कुछ लोगों ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। इसके बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हो पाया और चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ गए।
