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Ujjain News: डेम में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से मौत, कीचड़ में फंसने के कारण बाहर नहीं निकल सके
Fri, 07 Jun 2024 11:05 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 07 Jun 2024 11:05 AM IST
सार
बिरलाग्राम थाना प्रभारी दीनबंधु सिंह तोमर ने बताया कि बच्चों के डूबने की जानकारी लगते ही ग्राम रक्षा समिति के साथ मिलकर ग्रामीणों ने लगभग 2 घंटे तक उन्हें खोजा। जिसके बाद दोनों शव बाहर निकाले गए। काफी प्रयास के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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पानी में बच्चों को तलाशते गोताखोर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन जिले के बिरलाग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम बांदीपुरा में दो बच्चों की डेम में डूबने से मौत हो गई। गर्मी से बचने के लिए पांच बच्चे डेम पर नहाने गए थे, जिसमें दो नाबालिक बच्चे गहरे पानी में चले गए और कीचड़ में फंसने से बाहर नहीं निकल सके। इससे उनकी मौत हो गई।
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बिरलाग्राम थाना प्रभारी दीनबंधु सिंह तोमर ने बताया कि नागदा के पास ग्राम बांदीपुरा में एक स्टाफ डेम है, जहां 5 बच्चे नहाने गए थे। स्टाप डेम पर गर्मी के कारण पानी काफी कम हो चुका है, गड्ढों में कीचड़ ही कीचड़ भरा है। जिसकी जानकारी शायद बच्चों को नहीं थी। बच्चे यहां नहाने लगे लेकिन गहरे गड्ढे में जाने से उसमें फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए। इससे दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई।
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तोमर ने बताया कि दोनों बच्चे वाल्मीकि समाज के हैं और ग्राम बादीपुरा में रहते हैं। बच्चों के डूबने की जानकारी लगते ही ग्राम रक्षा समिति के साथ मिलकर ग्रामीणों ने लगभग 2 घंटे तक बच्चों को खोजा। जिसके बाद चंदर पिता राजू (15) और कृष्णा पिता दिलीप (16) साल के शव बाहर निकाले गए। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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कई लोगों की जा चुकी है जान
ग्राम नायन के कुछ लोगों से जब चर्चा की गई तो उनका कहना था कि गर्मी के समय में अधिकतर लोग स्टाप डेम पर नहाने के लिए आते हैं। लेकिन, डेम की गहराई की जानकारी नहीं होने के कारण वह कीचड़ में फंस जाते हैं, इससे उनकी जान चली जाती है। इसके पहले भी कई लोग यहां जान गंवा चुके हैं।
