फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Ujjain News: Depression is not witchcraft or ghosts, helpline number issued to dispel superstition

Ujjain News: अवसाद जादू-टोना या भूत-प्रेत नहीं है, अंधविश्वास दूर करने हेल्पलाइन नंबर जारी

Mon, 27 Feb 2023 07:34 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: रवींद्र भजनी Updated Mon, 27 Feb 2023 07:34 PM IST
सार

उज्जैन में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें बताया गया कि अवसाद कोई जादू-टोना या भूत-प्रेत नहीं है। अंधविश्वास दूर करने के लिए चौबीस घंटे काम करने वाला निशुल्क हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। 
 

विज्ञापन
Ujjain News: Depression is not witchcraft or ghosts, helpline number issued to dispel superstition
उज्जैन में मानसिक सेहत पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आमतौर पर लोग जागरूक नहीं हैं। बदलते परिवेश में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है। अवसाद समेत कई मानसिक रोगों के शिकार लोग समाज और परिवार में उपेक्षित रहते हैं। ऐसे रोगियों को डॉक्टर और दवा की जरूरत समझने में देरी होती है। ग्रामीण इलाकों में तो इसे बीमारी ही नहीं माना जाता। अंधविश्वास के चक्कर में लोग झाड़-फूंक या तांत्रिक के चक्कर में फंस जाते हैं। लोगों को जागरूक करना जरूरी है। उज्जैन में परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र एक अभियान चला रहा है। ऐसे रोगियों की पहचान कर इलाज की बात कही जा रही है।

विज्ञापन


परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र उज्जैन एवं निर्मला कॉलेज उज्जैन ने नशामुक्ति और मानसिक रोग की जागरूकता के लिए वर्कशॉप, परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित की गई। परिवर्तन नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र उज्जैन के डायरेक्टर कुमार वैभव और निर्मला कॉलेज के डायरेक्टर फादर डॉ एंटोनी जोसेफ निरप्पेल ने परिवर्तन नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पर वर्कशॉप एवं ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। स्टूडेंट्स और सेवार्थियों के बीच जागरूकता की। चौबीस घंटे काम करने वाला फ्री हेल्पलाइन नंबर 98263-33600 भी जारी किया गया।
विज्ञापन


परिवर्तन नशामुक्ति केंद्र के डायरेक्टर कुमार वैभव ने बताया कि मानसिक रोग भी अन्य रोगों की तरह ही है, जो ठीक हो सकते हैं। प्रत्येक मानसिक रोगी पागल नहीं होते हैं। कई तो महज काउंसलिंग से ही ठीक हो जाते हैं। उन्हें दवा की जरूरत नहीं होती है। मानसिक रोगी का इलाज लंबा चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


काउंसलिंग से भी ठीक हो जाते हैं मनोरोगी
नशा मुक्ति केंद्र में मनोवैज्ञानिक डॉक्टरों की टीम के साथ, सोशल वर्कर, ओपीडी के दो पाली में विभाग में मरीजों को देखा जा रहा है। अब तक हजारों मानसिक रोगी यहां से इलाज करवा चुके हैं। इलाज काफी लंबा चलता है। अवसाद के मरीजों की संख्या अधिक युवाओं में अवसाद और मंदबुद्धि बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। यहां पहुंचने वाले मानसिक रोगियों में साइकोसिस, डिप्रेशन, न्यूरोसिस, भूलने की बीमारी, मंदबुद्धि, मिरगी, नशापान की आदत वाले आदि शामिल रहते हैं।


यह है मानसिक रोग के लक्षण
मानसिक रोग के लक्षण बहुत अलग नहीं होते। सामान्य लक्षणों में ही पहचान करनी होती है। मानसिक रोग के लक्षणों में सिर दर्द, नींद कम या ज्यादा, चिड़चिड़ापन, उदासी, गुस्सा, डर लगना, शक संदेह करना, साफ-सफाई ज्यादा करना, नशा पान करना, विचित्र अनुभव करना, अजीब विचार या व्यवहार, मानसिक तनाव, अजीबोगरीब आवाजें सुनाई पड़ना, सेक्स संबंधी समस्याएं, मिर्गी का दौरा, बार-बार बेहोशी आना, बुद्धि कम होना, आत्महत्या का ख्याल आना, बच्चों की व्यवहारात्मक समस्याएं, भूलना या याददाश्त की कमी, झाड़-फूंक या तांत्रिक के पास जाने की इच्छा, बिना कारण के हंसना, रोना, खुद से बातें करना, खुद को अलग-अलग रखना आदि शामिल है। इसके लक्षण मिलने पर गहन जांच और चिकित्सा की जरूरत होती है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed