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Ujjain: ट्रेन में नवजात को छोड़ भागे दंपती धराए, दोनों के बहाने सुन पुलिस भी हैरान, घरवालों को बताई ये बात
Wed, 01 Nov 2023 11:26 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 01 Nov 2023 11:26 PM IST
सार
पति-पत्नी दोनों ने मिलकर ही इस नवजात को छोड़ने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई थी, जिसके तहत यह निर्दयी मां नर्मदा एक्सप्रेस में इंदौर से सवार हुई थी।
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ट्रेन में बच्ची को छोड़ने वाले निर्दयी माता-पिता गिरफ्तार कर लिए गए।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन में नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन क्रमांक 18233 में रविवार की रात 15 दिन की बालिका को मिलने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को छोड़ने वाली निर्दयी मां और उसके पति जीआरपी थाना पुलिस ने इंदौर से मोटरसाइकिल के नंबरों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है।
पति-पत्नी दोनों ने मिलकर ही इस नवजात को छोड़ने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई थी, जिसके तहत यह निर्दयी मां नर्मदा एक्सप्रेस में इंदौर से सवार हुई थी और उज्जैन आते-आते उसने ट्रेन में बैठे लोगों के साथ कुछ ऐसा मेलमिलाप किया था कि ट्रेन में बैठे किसी भी व्यक्ति को इस बात की शंका तक नहीं हुई कि जो महिला इतने प्रेम से सभी से बात कर रही है वह कुछ देर बाद अब तक सीने से लगाए रखने वाली नवजात को छोड़कर उज्जैन के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 से रफूचक्कर हो जाएगी।
बाइक नंबर से हुए गिरफ्तार
महिला के रफूचक्कर होने के बाद जब यह नवजात बालिका रोने लगी तो नर्मदा एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन नम्बर 182 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई कि कोच एस/8 की बर्थ नंबर 56 पर एक नवजात बालिका को उसकी मां छोड़कर लापता हो गई है। ट्रेन के भोपाल पहुंचते ही जीआरपी एसआई श्वेता सोनमकुंवर टीम के साथ कोच में पहुंची। इस दौरान सामने आया था कि महिला उज्जैन से ट्रेन में सवार हुई थी और टायलेट जाने का कहकर उतर गई थी। मामला उज्जैन स्टेशन से जुड़ा होने पर जीरो पर अपराध कायम कर सोमवार को उज्जैन जीआरपी को स्थानांतरित किया है। यहां धारा 317 का अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर लगे कैमरे देखे गए। इसमें मासूम के साथ निर्दयी मां प्लेटफॉर्म पर घूमती और ट्रेन में चढ़ने के बाद मासूम को छोड़कर वापस उतरती दिखाई दी। महिला के दिखाई देने पर आगे जांच करने पर सामने आया कि स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वह ऑटो में बैठकर नानाखेड़ा बस स्टैंड पहुंची थी, जहां से बस में सवार होकर इंदौर पहुंची थी। जीआरपी ने जब इस मामले में इंदौर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस को मोटरसाइकिल के नंबर मिले थे जिसके आधार पर ही पुलिस इन आरोपियों तक पहुंची और गिरफ्तार कर लिया।
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पति-पत्नी दोनों ने मिलकर ही इस नवजात को छोड़ने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई थी, जिसके तहत यह निर्दयी मां नर्मदा एक्सप्रेस में इंदौर से सवार हुई थी और उज्जैन आते-आते उसने ट्रेन में बैठे लोगों के साथ कुछ ऐसा मेलमिलाप किया था कि ट्रेन में बैठे किसी भी व्यक्ति को इस बात की शंका तक नहीं हुई कि जो महिला इतने प्रेम से सभी से बात कर रही है वह कुछ देर बाद अब तक सीने से लगाए रखने वाली नवजात को छोड़कर उज्जैन के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 से रफूचक्कर हो जाएगी।
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बाइक नंबर से हुए गिरफ्तार
महिला के रफूचक्कर होने के बाद जब यह नवजात बालिका रोने लगी तो नर्मदा एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन नम्बर 182 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई कि कोच एस/8 की बर्थ नंबर 56 पर एक नवजात बालिका को उसकी मां छोड़कर लापता हो गई है। ट्रेन के भोपाल पहुंचते ही जीआरपी एसआई श्वेता सोनमकुंवर टीम के साथ कोच में पहुंची। इस दौरान सामने आया था कि महिला उज्जैन से ट्रेन में सवार हुई थी और टायलेट जाने का कहकर उतर गई थी। मामला उज्जैन स्टेशन से जुड़ा होने पर जीरो पर अपराध कायम कर सोमवार को उज्जैन जीआरपी को स्थानांतरित किया है। यहां धारा 317 का अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर लगे कैमरे देखे गए। इसमें मासूम के साथ निर्दयी मां प्लेटफॉर्म पर घूमती और ट्रेन में चढ़ने के बाद मासूम को छोड़कर वापस उतरती दिखाई दी। महिला के दिखाई देने पर आगे जांच करने पर सामने आया कि स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वह ऑटो में बैठकर नानाखेड़ा बस स्टैंड पहुंची थी, जहां से बस में सवार होकर इंदौर पहुंची थी। जीआरपी ने जब इस मामले में इंदौर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस को मोटरसाइकिल के नंबर मिले थे जिसके आधार पर ही पुलिस इन आरोपियों तक पहुंची और गिरफ्तार कर लिया।
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उज्जैन में महिला 15 दिन की बच्ची को ट्रेन में छोड़कर फरार हो गई थी।
- फोटो : अमर उजाला
शादी तो कर ली लेकिन बच्चा पालना नहीं चाहता था पिता
जीआरपी थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले में जब आरोपी पति-पत्नी खुशबू और सौरभ से चर्चा की गई तो पता चला कि एक माह पहले ही दोनों का प्रेम विवाह हुआ है, क्योंकि यह प्रेम विवाह था इसलिए दोनों ही परिवार के लोगों से पति-पत्नी को कोई सहयोग नहीं था। जब 15 दिन पहले महिला की डिलीवरी हुई तो इसके बाद से ही परिवार मे एक अन्य सदस्य के बढ़ने की जिम्मेदारी संभालना नहीं चाहते थे, खुशबू तो इस नवजात बेटी को अपने पास रखना चाहती थी लेकिन उसका पति सौरभ इस नवजात की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। हद तो उसे वक्त हो गई थी जब सौरभ ने अपने और खुशबू के परिवार को यहां तक बता दिया था कि हमें जो बच्ची हुई थी वह पैदा होते ही मर गई थी। परिवार के लोगों को तो बच्ची के मरने की सूचना सौरभ दे चुका था लेकिन वह लगातार खुशबू पर इस बात का दबाव बना रहा था कि अगर तुम इस बच्ची को नहीं छोड़ोगी तो मैं तुम्हें और बच्ची दोनों को छोड़ दूंगा जिसके कारण ही खुशबू ने यह कदम उठाया और वह बच्ची को नर्मदा एक्सप्रेस में छोड़कर चली गई थी।
चाहते तो पाल सकते थे लेकिन फिर भी बच्ची को छोड़ दिया
जीआरपी थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि खुशबू और सौरभ दोनों सागर और बीना के रहने वाले हैं। इनके बीच काफी समय से अफेयर चल रहा था। परिवार के लोग उनकी शादी को मानने को तैयार नहीं थे इसी बीच खुशबू गर्भवती हो गई और एक माह पहले ही दोनों ने भाग कर शादी कर ली थी। ये दोनों इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में रह रहे थे। थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि सौरभ आठवीं फेल है और उसकी पत्नी खुशबू थोड़ा बहुत सिलाई का काम जानती है आपने बताया कि सौरभ एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय है और खुशबू चाहती तो वह भी थोड़ा बहुत काम कर इस बच्ची को पाल सकती थी। इस मामले में जीआरपी ने सौरभ और खुशबू के खिलाफ धारा 317 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
जीआरपी थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले में जब आरोपी पति-पत्नी खुशबू और सौरभ से चर्चा की गई तो पता चला कि एक माह पहले ही दोनों का प्रेम विवाह हुआ है, क्योंकि यह प्रेम विवाह था इसलिए दोनों ही परिवार के लोगों से पति-पत्नी को कोई सहयोग नहीं था। जब 15 दिन पहले महिला की डिलीवरी हुई तो इसके बाद से ही परिवार मे एक अन्य सदस्य के बढ़ने की जिम्मेदारी संभालना नहीं चाहते थे, खुशबू तो इस नवजात बेटी को अपने पास रखना चाहती थी लेकिन उसका पति सौरभ इस नवजात की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। हद तो उसे वक्त हो गई थी जब सौरभ ने अपने और खुशबू के परिवार को यहां तक बता दिया था कि हमें जो बच्ची हुई थी वह पैदा होते ही मर गई थी। परिवार के लोगों को तो बच्ची के मरने की सूचना सौरभ दे चुका था लेकिन वह लगातार खुशबू पर इस बात का दबाव बना रहा था कि अगर तुम इस बच्ची को नहीं छोड़ोगी तो मैं तुम्हें और बच्ची दोनों को छोड़ दूंगा जिसके कारण ही खुशबू ने यह कदम उठाया और वह बच्ची को नर्मदा एक्सप्रेस में छोड़कर चली गई थी।
चाहते तो पाल सकते थे लेकिन फिर भी बच्ची को छोड़ दिया
जीआरपी थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि खुशबू और सौरभ दोनों सागर और बीना के रहने वाले हैं। इनके बीच काफी समय से अफेयर चल रहा था। परिवार के लोग उनकी शादी को मानने को तैयार नहीं थे इसी बीच खुशबू गर्भवती हो गई और एक माह पहले ही दोनों ने भाग कर शादी कर ली थी। ये दोनों इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में रह रहे थे। थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि सौरभ आठवीं फेल है और उसकी पत्नी खुशबू थोड़ा बहुत सिलाई का काम जानती है आपने बताया कि सौरभ एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय है और खुशबू चाहती तो वह भी थोड़ा बहुत काम कर इस बच्ची को पाल सकती थी। इस मामले में जीआरपी ने सौरभ और खुशबू के खिलाफ धारा 317 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
