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Sawan Somvar 2022: सावन का पहला सोमवार आज, दो साल बाद मनमहेश रूप में भक्तों का हाल जानने निकलेंगे बाबा महाकाल
Mon, 18 Jul 2022 05:15 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 18 Jul 2022 05:15 PM IST
सार
बाबा महकाल पूरे दो साल के बाद मनमहेश स्वरूप में भक्तों का हाल चाल जानने निकलेंगे। खास बात ये है कि इस बार महाकाल की सवारी फिर परंपरागत मार्ग से निकलेगी, सवारी कोरोना के चलते दो साल से बदले हुए रास्ते से निकल रही थी।
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बाबा महाकाल की सवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आज सावन का पहला सोमवार है। उज्जैन स्थित महाकाल धाम में सुबह से ही श्रद्धालु बाबा महाकाल का अभिषेक और पूजन-अर्चन करने पहुंच रहे हैं। कोरोना काल के बाद सावन-भादौ के हर सोमवार को निकाली जाने वाली बाबा महाकाल की सवारी का आज यानि 18 जुलाई से फिर आगाज हो रहा है। बाबा महकाल पूरे दो साल के बाद मनमहेश स्वरूप में भक्तों का हाल चाल जानने निकलेंगे। खास बात ये है कि इस बार महाकाल की सवारी फिर परंपरागत मार्ग से निकलेगी। कोरोना महामारी के कारण सवारी का मार्ग बीते दो साल से बदल दिया गया था।
प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया कि भगवान श्री महाकालेश्वर की पहली सवारी परंपरागत मार्ग से निकाली जाएगी। पालकी में भगवान मनमहेश स्वरूप में दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान मनमहेश स्वरूप का पूजन-अर्चन महाकाल मंदिर के सभामंडप में शाम 4 बजे किया जाएगा।
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इसके बाद श्री मनमहेश पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान श्री महाकालेश्वर की पालकी मंदिर से निकलने के बाद महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होकर रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। वापसी में सवारी रामानुजकोट, माढ़े की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
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प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया कि भगवान श्री महाकालेश्वर की पहली सवारी परंपरागत मार्ग से निकाली जाएगी। पालकी में भगवान मनमहेश स्वरूप में दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान मनमहेश स्वरूप का पूजन-अर्चन महाकाल मंदिर के सभामंडप में शाम 4 बजे किया जाएगा।
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इसके बाद श्री मनमहेश पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान श्री महाकालेश्वर की पालकी मंदिर से निकलने के बाद महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होकर रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। वापसी में सवारी रामानुजकोट, माढ़े की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
