MPPSC: दिव्यांग कोटे के नकली सर्टिफिकेट के आरोप पर बोली प्रियंका कदम- न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगी
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग पर धांधली के आरोप लगाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रही प्रियंका कदम दिव्यांग कोटे से चयनित हुई थीं और अब उनका डांस करते वीडियो सामने आया, जिसमें वे पूरी तरह ठीक नजर आ रही हैं। इसे लेकर एमपीपीएससी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब प्रियंका भी सामने आईं और न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही है।
विस्तार
मेरे दिव्यांग सर्टिफिकेट को कुछ लोग नकली बता रहे हैं। यह आरोप पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद हैं। मैंने पूरी ईमानदारी से मेहनत कर इस मुकाम को पाया है। अगर इसको लेकर मुझे कोई नोटिस जारी किया जाता है तो मैं अपना जवाब जरूर दूंगी, क्योंकि मेरे पास सभी सर्टिफिकेट हैं। साथ ही मेरे पास मेरा पेपर वर्क, प्रिपरेशन, एमआरआई रिपोर्ट, डॉक्टर से कंसल्ट की रिपोर्ट के साथ ही ऐसे सभी प्रमाण हैं, जिससे साबित होगा कि किस अस्पताल में मेरा डायग्नोज हुआ और कहां मेरी सर्जरी की गई। आगे जाकर मुझ पर कोई भी कार्यवाही होती है तो मैं न्याय के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगी और अपना पक्ष रखने का प्रयास करूंगी।
यह बात मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग एमपीपीएससी से चयनित होकर जिला आबकारी अधिकारी बनी प्रियंका कदम ने अमर उजाला से एक विशेष बातचीत के दौरान कही।
प्रियंका कदम ने बताया कि मैं पूर्णतः दिव्यांग नहीं हूं, मेरी डिसेबिलिटी 45% क्राइट एरिया में आती है। मेरे दोनों पैरों में इंप्लांट डले हुए हैं जिसमें एक रॉड है, एक बॉल है और एक साकेट टाइप और कलाईनाटाइट की तरह है जिसे 40-40 टांके लगाकर मेरे दोनों पैरों में फिट किया गया है, जिससे मैं आर्टिफिशियल पैरों से चल रही हूं। डांस करना मेरा शौक है और मैं 5 से 10 मिनट तक डांस कर खुश रह सकती हूं। मैं बैठे-बैठे डांस करती हूं और पैरों पर लोड नहीं देती हूं। हम अपर बॉडी से डांस करते हैं और पैरों को ज्यादा नहीं उछालते हैं।
प्रियंका बताती हैं कि मेरे डांस के वीडियो बताकर मेरे बारे में जो भी कहा जा रहा है वह गलत है। मैं दो से तीन पेन किलर लेकर यह डांस कर रही थी। यह वीडियो मेरे बर्थडे स्पेशल ओकेशन के हैं, वहीं मैं ऑफिसर भी बनी थी इसीलिए इस खुशी को मैं इंजॉय कर रही थी। इस डांस के बाद मैंने दो से तीन दिन रेस्ट भी किया। मैं मानती हूं कि मैंने डांस किया और मैं इसे कर सकती हूं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मैंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की चयन परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी कर जिला आबकारी का पद पाया है। वर्ष 2017 में मैं बाथरूम में गिर गई थी उसके बाद 1 साल तक उज्जैन के एसएस अस्पताल में इलाज कराया और इस दौरान मुझे दो से तीन बार यहां एडमिट भी रहना पड़ा। वर्ष 2019 में मेरा डायग्नोज हुआ तब मैंने इंदौर के लाइफ लाइन हॉस्पिटल में थैरेपी ली थी फिर इंदौर के मयंक हॉस्पिटल में मेरी दूसरी और तीसरी सर्जरी डॉक्टर जावेद नकवी सर द्वारा की गई थी।
सर्टिफिकेट नहीं हो सकता झूठा
प्रियंका कदम ने बताया कि मेरी 45% डिसेबिलिटी है जिसके लिए मैंने दिल्ली से यह सर्टिफिकेट बनवाया था। इस सर्टिफिकेट के झूठे होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन मैं ऐसे आरोप लगाने वालों को बताना चाहूंगी के इस सर्टिफिकेट को बनाने के पहले सभी तरह की जांच जैसे कि एमआरआई, एक्स-रे व अन्य जांच की जाती है और उसके बाद ही यह रिपोर्ट तैयार की जाती है।
नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन ने उठाए थे सवाल
नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन द्वारा इस मामले में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती में दिव्यांग कोटे से की गई भर्ती में धांधली के आरोप लगाए गए थे। इसमें जिला आबकारी अधिकारी के पद पर चयनित हुई प्रियंका कदम को लेकर कहा गया था कि प्रियंका के डांस के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं जिसमें वह ढोल की थाप पर नाचने के साथ ही डीजे फ्लोर पर भी थिरकती हुईं दिखाई दे रही हैं।
यह है पूरा मामला
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की चयन प्रक्रिया में ऑर्थोपेडिक दिव्यांग कोटे से प्रियंका कदम का जिला आबकारी अधिकारी के पद पर चयन हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उसके डांस के वीडियो के बाद यह पूरा बवाल मच गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर कोई दिव्यांग ढोल की थाप और डीजे के फ्लोर पर किस तरह से डांस कर सकता है। यह वीडियो वायरल होने के बाद नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने के साथ ही यह आरोप लगाया है कि प्रियंका कदम दिव्यांग नहीं हैं, उन्होंने दिव्यांग कोटे का फायदा गलत तरीके से उठाया है। इस मामले की जांच होना चाहिए। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती में धांधली के भी आरोप लगाए थे।

अपनी जांचों की रिपोर्ट बतातीं प्रियंका

प्रियंका का फॉर्म

प्रियंका का दिव्यांग सर्टिफिकेट
