Ujjain: गाड़ी लेकर मंदिर में चोरी करने पहुंचे बदमाश; मजदूरों को कमरे में बंद कर पैसों से भरी पेटियां ले उड़े
Ujjain Crime: उज्जैन के एक जैन मंदिर से दानपात्रों को चोरी करने का मामला सामने आया है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। टीआई नलिन बुधौलिया ने बताया कि मामले में मनीष जैन की रिपोर्ट पर अज्ञात पर केस दर्ज किया है। बदमाशों की तलाश जारी है।
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मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा नगर के महिदपुर नाका के पास स्थित राजेंद्र सूरी जैन दादावाड़ी मंदिर में चोरी की सनसनीखेज वारदात हुई है। यहां बदमाशों ने बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। बदमाश पिकअप लेकर मंदिर पर पहुंचे। यहां वाहन आड़ा लगाया गया, ताकि यह पता न चले कि वाहन किस तरफ से आया। उसके वाहन से उतरे तीन बदमाशों ने पहले दादावाड़ी के एक कमरे में सो रहे मजदूरों को बंद किया। फिर मंदिर के मेन गेट का ताला तोड़कर यहां रखी रुपयों से भरी पेटियां उठाकर वाहन में रखकर ले गए। करीब महीनाभर पहले ही मंदिर ट्रस्ट ने एक दानपेटी खोलकर राशि निकाल ली थी। बाकी दो दान पात्र में लगभग 30 हजार रुपये होने बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दान पात्र की कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
वारदात की सूचना मिलने के बाद मंडी टीआई नलिन बुधौलिया के साथ सीएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एएसपी नीतेश भार्गव भी मौके पर पहुंच गए थे। स्थानीय पुलिस की सूचना पर एफएसएल, डॉग स्क्वॉड व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम को मौके से बदमाशों के फिंगरप्रिंट मिले हैं। अंगुलियों के यह निशान किस उम्र वर्ग के बदमाश के हैं। इसका पता नहीं चल पाया है। टीआई नलिन बुधौलिया ने बताया कि मामले में मनीष जैन की रिपोर्ट पर अज्ञात पर केस दर्ज किया है। बदमाशों की तलाश जारी है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
बदमाश नगर में चंद्राप्रभु मंदिर का काम चल रहा है। मंदिर का काम कर रहे मजदूर इसी दादावाड़ी मंदिर के एक कमरे में रहते हैं। जानकारी के मुताबिक, रात एक बजे ये मजदूर जाग रहे थे। तब तक मंदिर में कोई हरकत नहीं हुई। रात दो बजे के बाद बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक रात दो बजकर 37 मिनट पर वाहन खड़ा हुआ। दो बजकर 40 मिनट पर रवाना हुआ। सुबह करीब तीन बजे मजदूरों की नींद खुलने पर उन्होंने दरवाजा बंद देखा तो शोर मचाकर दरवाजा खुलवाया। उसके बाद सुबह पांच बजे मंदिर पहुंचे पुजारी ने दान पात्र गायब देख मंदिर ट्रस्ट के लोगों को सूचना दी।
