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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mahakal Temple's Trinetra AI Surveillance System Wins National e-Governance Gold Award 2026

MP: महाकाल मंदिर के त्रिनेत्र को मिला नेशनल ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार, 8 करोड़ श्रद्धालु; 280 करोड़ का राजस्व

Fri, 03 Jul 2026 12:12 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 03 Jul 2026 12:12 PM IST
सार

श्री महाकालेश्वर मंदिर की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था त्रिनेत्र को देश का सबसे बड़ा डिजिटल सम्मान मिला है। जयपुर में आयोजित 29वें नेशनल ई-गवर्नेंस सम्मेलन में केंद्र सरकार ने महाकाल मंदिर को स्वर्ण पुरस्कार से नवाजा। 500+ AI कैमरों वाला यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन, फेस रिकॉग्निशन और रियल टाइम मॉनिटरिंग में देशभर में अव्वल साबित हुआ है।

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Mahakal Temple's Trinetra AI Surveillance System Wins National e-Governance Gold Award 2026
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह अवार्ड कार्यक्रम में एक समूह चित्र में। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर ने डिजिटल गवर्नेंस में नया कीर्तिमान रचा है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुए 29वें नेशनल ई-गवर्नेंस सम्मेलन में मंदिर के 'त्रिनेत्र' प्रोजेक्ट को स्वर्ण पुरस्कार मिला। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और राजस्थान के आईटी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह को यह सम्मान सौंपा। 
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यह अवार्ड मंदिर परिसर और महाकाल रुद्रसागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एरिया MRIDA में लगे एआई आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम के लिए दिया गया। मंदिर में 500 से ज्यादा AI-सक्षम कैमरे 24x7 निगरानी करते हैं। ये कैमरे फेसियल रिकॉग्निशन, संदिग्ध गतिविधि पहचान, ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान और रियल टाइम वीडियो एनालिटिक्स से लैस हैं। त्रिनेत्र को महाकाल की तीसरी आंख कहा जा रहा है।
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अवार्ड से पहले केंद्र की टीम ने उज्जैन आकर सिस्टम का निरीक्षण किया था। फिर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने 13 सदस्यीय ज्यूरी के सामने प्रेजेंटेशन दिया। तकनीकी मूल्यांकन के बाद इसे देश की सर्वश्रेष्ठ डिजिटल परियोजनाओं में चुना गया।
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जानिए त्रिनेत्र से कैसे बदली महाकाल की व्यवस्था
1. श्रद्धालुओं की संख्या - सालाना 1.5 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8 करोड़ पार। रोज 20-30 हजार से बढ़कर 2 लाख, त्योहारों पर 8-10 लाख तक।
2. राजस्व - 46 करोड़ से बढ़कर 280 करोड़ रुपये सालाना।
3. सुरक्षा - 8-10 लाख की भीड़ वाले त्योहार भी बिना किसी घटना के संपन्न। जीरो इंसिडेंट रिकॉर्ड।
4. खोया-पाया - पिछले 45 दिनों में फेस रिकॉग्निशन से 552 लापता लोग परिवार से मिले। बच्चे-बुजुर्ग 25-40 मिनट में अपनों तक पहुंचे। 53 खोई वस्तुएं लौटाईं, 10 चोरी के मामलों में मौके पर चोर पकड़े।
5. दर्शन समय - भारी भीड़ में भी 15-20 मिनट में दर्शन। भीड़ का पूर्व अनुमान लगाकर कतारें व्यवस्थित होती हैं।
6. बचत - 150 अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत खत्म होने से सालाना 8.6 करोड़ की बचत। 5.25 करोड़ का निवेश 7 महीने में वसूल, 5 साल में 43 करोड़ की बचत अनुमानित।
7. सटीक गिनती - पहले भीड़ का अनुमान 30-50% गलत होता था। अब स्मार्ट सिस्टम से एरर 5% से कम।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी....
वर्तमान 'त्रिनेत्र' को 8 गुना विस्तार दिया जाएगा। 3,500 स्मार्ट कैमरे, 140 करोड़ का निवेश, ड्रोन निगरानी, भीड़ पूर्वानुमान और बहुभाषी घोषणा सिस्टम से सिंहस्थ को दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक से लैस किया जाएगा।


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'त्रिनेत्र प्रोजेक्ट तकनीक और आस्था का संगम'
इस अवसर पर कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि महाकाल मंदिर का त्रिनेत्र प्रोजेक्ट तकनीक और आस्था का संगम है। एआई से न सिर्फ सुरक्षा बढ़ी है बल्कि श्रद्धालुओं का अनुभव भी बेहतर हुआ है। यह अवार्ड उज्जैन की पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। सिंहस्थ 2028 के लिए हम इसे और विस्तार दे रहे हैं।
 

 

 

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