Ujjain: उज्जैन पहुंचे जगत गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बोले- मुसलमान-क्रिश्चियन के पूर्वज भी हिंदू ही थे
जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती तीन दिवसीय धर्म सभा में भाग लेने उज्जैन पहुंचे, जहां रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की निंदा करते हुए कहा कि यह अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का परिणाम है। उन्होंने धर्म और संस्कृति के उत्थान पर जोर दिया।
विस्तार
तीन दिवसीय धर्म सभा में भाग लेने के लिए जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती उज्जैन पहुंचे। उनका आगमन शुक्रवार को रेलमार्ग से हुआ, जहां रेलवे स्टेशन पर सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती तीन दिनों तक उज्जैन में रहकर धार्मिक प्रवचन देंगे और धर्म जागरण का संदेश देंगे।
मीडिया से चर्चा
रेलवे स्टेशन पर स्वागत के बाद शंकराचार्य जी ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने भगवान शिव की कृपा का उल्लेख करते हुए कहा कि "भगवान शिव सबका कल्याण करें।" साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में हिंदुओं पर जो अत्याचार हो रहा है वह निंदनीय है। लेकिन इस स्थिति की जड़ में अल्पसंख्यक कहे जाने वाले मुसलमानों के अधिकारों की उपेक्षा भी एक कारण है। यदि मुसलमानों का उचित ध्यान रखा गया होता, तो शायद आज यह स्थिति नहीं बनती। बांग्लादेश के मुसलमानों की यह हरकत दूरदर्शिता की कमी का परिणाम है।"
धर्म और संस्कृति पर जोर
शंकराचार्य ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि "मोहम्मद साहब और ईसा मसीह के पूर्वज हिंदू ही थे। ये वे लोग हैं जो अपने अधिकारों और आवाज के लिए धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। हमारी संस्कृति समावेशी है और इसका संदेश पूरी दुनिया में जाना चाहिए।"
धर्म सभा के दौरान शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती धर्म, संस्कृति और समाज के उत्थान से जुड़े विषयों पर प्रवचन देंगे। तीन दिन तक आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

उज्जैन पहुंचे जगत गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा मुसलमान और क्रिश्चियन के पूर्वज भी
