कर्मयोगी की स्मृति में कर्मयोगियों का सम्मान: विभूतियों ने कहा- इन समारोह से ऊर्जा और कर्म भावना जागृत होती है
प्रेमनारायण नागर ने कहा कि स्वर्गीय कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ ने शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उनके जीवन के आदर्श हमें सिखाते हैं कि सच्ची सेवा वही है, जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सबको सशक्त बनाए।
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समाज की उन्नति और राष्ट्र का विकास तभी संभव है, जब हम अपने युवाओं को शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनाएं। शिक्षा के बिना राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं, और शिक्षा का सही उपयोग तब होता है जब हम उसे समाज निर्माण में लगाते हैं। स्वर्गीय कृष्ण मंगल सिंह कुलश्रेष्ठ ने शिक्षा को समाज सेवा का आधार माना और अपने जीवन को इसी दिशा में समर्पित किया। एक प्रकार से कुलश्रेष्ठ ने युवाओं को सही दिशा देकर राष्ट्र के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाई। उक्त विचार कृष्ण मंगल सिंह कुलश्रेष्ठ की जयंती पर वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी प्रेमनारायण नागर ने भारतीय ज्ञानपीठ माधव नगर में आयोजित 'कर्मयोगी कृष्ण मंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान 2024' समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।
प्रेमनारायण नागर ने कहा कि स्वर्गीय कृष्ण मंगल सिंह कुलश्रेष्ठ ने शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उनके जीवन के आदर्श हमें सिखाते हैं कि सच्ची सेवा वही है, जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सबको सशक्त बनाए। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मयोगियों को कर्मयोगी कृष्ण मंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया। कला के क्षेत्र में कर्मयोगी पद्मश्री ओमप्रकाश शर्मा, शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित, न्याय के क्षेत्र में शशि मोहन श्रीवास्तव और चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. विजय महाडिक को यह सम्मान प्रदान किया गया।
सभी विभूतियों ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह समाज में नई ऊर्जा और कर्म की भावना को जागृत करते हैं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कर्मयोगी सम्मान से सम्मानित होने वाले व्यक्तित्वों को डिजिटली शुभकामनाएं प्रेषित की। स्वागत उद्बोधन अमृता कुलश्रेष्ठ ने दिया। इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष कृष्णा कुलश्रेष्ठ विशेष रूप से उपस्थित थी। कर्मयोगी सम्मान प्राप्तकर्ताओं को संस्था की ओर से संस्था प्रमुख युधिष्ठिर कुलश्रेष्ठ, संदीप कुलश्रेष्ठ, पूर्व कुलपति विक्रम विवि प्रो. बालकृष्ण शर्मा, शिक्षाविद् दिवाकर नातु, बार एसोसिएशन के हरदयाल सिंह ठाकुर, वरिष्ठ चार्टेड अकांउंटेंट नितिन गरुड़, विजयेता कानूनगो ने सम्मानित किया।
सम्मानित व्यक्तित्वों के लिए अभिनंदन पत्रों का वाचन साहित्यकार श्रीराम दवे, डॉ. पिलकेन्द्र अरोरा, पूर्व एडीएम महाकाल मंदिर समिति आरपी तिवारी, एडवोकेट सुरेश जैन ने किया। अतिथि स्वागत लायंस क्लब इन्दौर के चंद्रमोहन श्रीवास्तव, भारतीय स्कुल प्राचार्य रचना श्रीवास्तव, बी.एड. कॉलेज प्राचार्य डॉ. रश्मि शर्मा, राष्ट्रभारती स्कुल प्राचार्या मयुरी वेरागी, बी.आई.एफ.टी. की चंद्रकला नाटानी, जयनित बग्गा, भारतीय ज्ञानपीठ महानंदा प्राचार्य अमृता गोडबोले, विश्व भारती प्राचार्य डॉ. हिम्मत सिंह ठाकुर ने किया।
इस अवसर पर सोनू गेहलोत, डॉ. शिव चौरसिया, बीके आंजना, विश्वास शर्मा, अमित श्रीवास्तव डॉ. वीके शर्मा, डॉ. पुष्पा चौरसिया, शीला व्यास सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. गिरीश पंड्या ने किया और आभार प्राचार्य डॉ. नीलम महाडिक ने व्यक्त किया। इस अवसर पर नगर निगम सभापति कलावती यादव ने तीन दिवसीय खादी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
खादी प्रदर्शनी का शुभारंभ
भारतीय ज्ञानपीठ माधवनगर संस्थान परिसर में ही खादी ग्राम उद्योग विकास मंडल उज्जैन के सहयोग से तीन दिवसीय खादी प्रदर्शनी एवं सेल का शुभारंभ नगर निगम सभापति कलावती यादव ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्जवलन से शुभारंभ इस प्रदर्शनी का अवलोकन भी यादव द्वारा किया गया। उन्होंने स्वयं खादी सामाग्री यहां से क्रय करते हुए सभी को प्रदर्शनी का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष संदीप कुलश्रेष्ठ सहित खादी ग्राम उद्योग विकास मंडल उज्जैन के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। ये प्रदर्शनी व सेल 28 सितंबर तक चलेगी। प्रदर्शनी व सेल का समय सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक रहेगा।
