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Gudi Padwa 2023: गुड़ी पड़वा पर महाकाल मंदिर में चढ़ेगा ध्वज, कोटितीर्थ कुंड पर ऐसे होगा नवसंवत्सर का स्वागत
Thu, 16 Mar 2023 01:51 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 16 Mar 2023 01:51 PM IST
सार
महाकाल मंदिर में ग्वालियर के पंचांग अनुसार त्यौहार मनाए जाते हैं। इसी पंचांग का साल के पहले दिन पूजन होगा। उज्जयिनी के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम संवत का यह 2080वां वर्ष है। इस संवत्सर का नाम पिंगल संवत्सर रहेगा।
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गुड़ी पड़वा पर महाकाल मंदिर में चढ़ेगा ध्वज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 22 मार्च 2023 को गुड़ी पड़वा पर ध्वज चढ़ेगा। पुजारी कोटितीर्थ कुंड पर सूर्य को अर्घ्य देकर नवसंवत्सर का स्वागत करेंगे। इसके बाद पंचांग का पूजन किया जाएगा।
पं. महेश पुजारी ने बताया पृथ्वी के नाभि केंद्र पर स्थित भगवान महाकाल के आंगन में हिंदू नववर्ष का स्वागत धर्म परंपरा के अनुसार होगा। मंदिर के शिखर पर नया ध्वज लगाया जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त में पुजारी कोटितीर्थ कुंड के तट पर खड़े होकर सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देंगे। इसके बाद मंदिर के नैवेद्य कक्ष में भगवान चंद्रमौलेश्वर और नए साल के पंचाग का पूजन होगा। पं. महेश पुजारी ने बताया की महाकाल मंदिर में ग्वालियर के पंचांग अनुसार त्यौहार मनाए जाते हैं। इसी पंचांग का साल के पहले दिन पूजन होगा। उज्जयिनी के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम संवत का यह 2080वां वर्ष है। इस संवत्सर का नाम पिंगल संवत्सर रहेगा।
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नीम मिश्रित जल से स्नान करेंगे भगवान महाकालेश्वर
पुजारी बाला गुरू ने बताया की ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 22 मार्च को भगवान महाकाल को नीम मिश्रित जल से स्नान कराया जाएगा।
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पं. महेश पुजारी ने बताया पृथ्वी के नाभि केंद्र पर स्थित भगवान महाकाल के आंगन में हिंदू नववर्ष का स्वागत धर्म परंपरा के अनुसार होगा। मंदिर के शिखर पर नया ध्वज लगाया जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त में पुजारी कोटितीर्थ कुंड के तट पर खड़े होकर सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देंगे। इसके बाद मंदिर के नैवेद्य कक्ष में भगवान चंद्रमौलेश्वर और नए साल के पंचाग का पूजन होगा। पं. महेश पुजारी ने बताया की महाकाल मंदिर में ग्वालियर के पंचांग अनुसार त्यौहार मनाए जाते हैं। इसी पंचांग का साल के पहले दिन पूजन होगा। उज्जयिनी के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम संवत का यह 2080वां वर्ष है। इस संवत्सर का नाम पिंगल संवत्सर रहेगा।
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नीम मिश्रित जल से स्नान करेंगे भगवान महाकालेश्वर
पुजारी बाला गुरू ने बताया की ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 22 मार्च को भगवान महाकाल को नीम मिश्रित जल से स्नान कराया जाएगा।
