{"_id":"658ce3d3a91ec44b0107a698","slug":"cabinet-minister-prahlad-patel-reached-ujjain-mahakal-darbar-with-his-family-2023-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain Mahakal: महाकाल दरबार पहुंचे मंत्री प्रहलाद पटेल, बोले- MP सर्वोच्च कोटि का राज्य बने बस यही है कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain Mahakal: महाकाल दरबार पहुंचे मंत्री प्रहलाद पटेल, बोले- MP सर्वोच्च कोटि का राज्य बने बस यही है कामना
Thu, 28 Dec 2023 08:29 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 28 Dec 2023 08:29 AM IST
सार
बाबा महाकाल के चरणों में पहुंचना और उनकी सेवा का लाभ लेना यह सब उनकी कृपा से ही संभव है। हम सब बाबा महाकाल से मांगने आते हैं, मैं चाहता हूं कि मध्य प्रदेश देश के सर्वोच्च राज्यों में उच्च कोटि का राज्य बने।
विज्ञापन
परिवार के साथ मंत्री प्रहलाद पटेल।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
मध्य प्रदेश के नवागत कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और उनका परिवार बाबा महाकाल के दर्शन करना आज उज्जैन पहुंचा। उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती के दर्शन किए। भस्म आरती के दौरान श्री पटेल बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। इस दौरान उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही एक नया शिशु भी नजर आया। पटेल बच्चे को अपनी गोदी में लेकर बैठे हुए थे। बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन करने के बाद प्रहलाद पटेल मीडिया से रूबरू हुए और उन्होंने कहा कि यह हमारे पुरखों का पुण्य होगा और गुरुजनों का आशीर्वाद हम पर होगा, जिससे हम बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ ले रहे हैं।
विज्ञापन
बाबा महाकाल के चरणों में पहुंचना और उनकी सेवा का लाभ लेना यह सब उनकी कृपा से ही संभव है। हम सब बाबा महाकाल से मांगने आते हैं, मैं चाहता हूं कि मध्य प्रदेश देश के सर्वोच्च राज्यों में उच्च कोटि का राज्य बने। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारा बौद्धिक और शारीरिक सामर्थ्य काम नहीं करेगा। बाबा महाकाल की कृपा के बिना यह नहीं हो सकता। उनकी कृपा रहेगी तो सब काम सफल हो जाएंगे।
विज्ञापन
परिवार सहित बाबा महाकाल के दर्शन करने पर आपने कहा कि यह सनातन का संस्कार है मैं अपने जीवन में कभी भी किसी भी मंदिर में दर्शन करने अकेले नहीं गया। विवाह हुआ है तो सपत्नीक ही सभी धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने गया और कभी ऐसा मौका भी आया तो पहले पत्नी से फोन पर अनुमति मांगी उसके बाद मंदिरों में दर्शन किए।
विज्ञापन
