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MP: उज्जैन में भस्म आरती में VIP प्रवेश का खेल? 2500 रुपये वसूली की शिकायत के बाद महाकाल थाने में मामला दर्ज
Fri, 05 Jun 2026 07:24 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 07:24 PM IST
सार
महाकाल मंदिर में भस्म आरती व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक देर रात औचक निरीक्षण पर पहुंचे। जांच के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 2500 रुपये वसूले जाने की शिकायत की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अब जांच के घेरे में कई चेहरे आ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर
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आधी रात भस्म आरती की पर्चियां जांचने पहुंचे मंदिर प्रशासक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती व्यवस्था को लेकर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने औचक निरीक्षण किया। इस बीच बड़ा झोल सामने आया।
निरीक्षण के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार प्रथम कौशिक देर रात अचानक महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नीलकंठ द्वार सहित विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की अनुमति पर्चियों की जांच की और उनसे व्यवस्था संबंधी जानकारी ली।
शिकायत में बताया गया कि प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लिए गए
निरीक्षण के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत की कि भस्म आरती में शामिल कराने के नाम पर उनसे प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लिए गए। शिकायत मिलने के बाद मंदिर प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और मामले की जांच के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए रात 2:30 बजे महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
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निरीक्षण के बाद मंदिर प्रशासन ने भस्म आरती व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ निर्णय लिए हैं। इसके तहत अब भस्म आरती के लिए नीलकंठ द्वार को प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
श्रद्धालुओं से ये अपील की गई
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भस्म आरती के लिए केवल अधिकृत माध्यमों से ही अनुमति प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति प्रवेश दिलाने के नाम पर अतिरिक्त राशि की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि भस्म आरती आस्था का विषय है और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे। पुलिस और मंदिर प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
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निरीक्षण के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार प्रथम कौशिक देर रात अचानक महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नीलकंठ द्वार सहित विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की अनुमति पर्चियों की जांच की और उनसे व्यवस्था संबंधी जानकारी ली।
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शिकायत में बताया गया कि प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लिए गए
निरीक्षण के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत की कि भस्म आरती में शामिल कराने के नाम पर उनसे प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लिए गए। शिकायत मिलने के बाद मंदिर प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और मामले की जांच के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए रात 2:30 बजे महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
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निरीक्षण के बाद मंदिर प्रशासन ने भस्म आरती व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ निर्णय लिए हैं। इसके तहत अब भस्म आरती के लिए नीलकंठ द्वार को प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
श्रद्धालुओं से ये अपील की गई
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भस्म आरती के लिए केवल अधिकृत माध्यमों से ही अनुमति प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति प्रवेश दिलाने के नाम पर अतिरिक्त राशि की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि भस्म आरती आस्था का विषय है और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे। पुलिस और मंदिर प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
