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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News: Side effect of addiction of free fire game, 13 year old student ran away from home when mother scolded, reached Indore by bicycle

Ujjain News: फ्री फायर गेम की लत का दुष्प्रभाव, मां ने डांटा तो 13 साल का छात्र घर से भागा, साइकिल से पहुंच गया इंदौर

Wed, 22 Jun 2022 12:56 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Wed, 22 Jun 2022 12:56 PM IST
सार

मोबाइल पर फ्री फायर गेम की लत का शिकार 13 साल का छात्र घर छोड़कर भाग गया। साइकिल से इंदौर चला गया। मां ने उसे डांटा था और मोबाइल से गेम डिलीट कर दिया था। इससे नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। 

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Ujjain News: Side effect of addiction of free fire game, 13 year old student ran away from home when mother scolded, reached Indore by bicycle
छात्र से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मोबाइल गेमिंग की लत कितनी बुरी है इसका अंदाजा आपको यह खबर पढ़कर लग जाएगा। गेम के चक्कर में नौनिहाल घर से दूर हो रहे हैं और घर छोड़ने तक को राजी है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें ऑनलाइन गेम के चक्कर में कम उम्र के लड़के-लड़की जान दे चुके हैं या फिर रुपये दांव पर लगा चुके हैं। अब आपको ऐसा मामला बताते हैं जिसमें मोबाइल गेम की लत एक नाबालिग पर इस कदर हावी हुई कि वह घर छोड़कर चला गया। वजह सिर्फ इतनी थी कि उसकी मां ने उसे डांटा था और मोबाइल से गेम डिलीट कर दिया था।
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मामला उज्जैन जिले के कमेड़ का है। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे यह घटना हुई। कमेड़ गांव के निजी स्कूल में अध्ययनरत 13 साल का छात्र मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने का आदी था। वह दिनभर मोबाइल में गेम खेलता रहता था। घरवालों ने उसे कई बार इसके लिए टोका लेकिन वह नहीं माना। बाद में मां ने उसे गेम खेलने को लेकर डांट लगाई और मोबाइल लेकर गेम डिलीट कर दिया। इससे छात्र इस कदर गुस्सा हुआ कि स्कूल बैग में कपड़े रखे, मोबाइल रखा, साइकिल उठाई और इंदौर चला गया। साइकिल से ही वह इंदौर पहुंचा। इंदौर पुलिस की मदद से उसे पकड़ा और परिजनों को सौंप दिया। 
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साइकिल से मुंबई जाने का सोचा था
पुलिस के अनुसार मोबाइल लोकेशन के आधार पर छात्र की तलाश की तो वह इंदौर में मिली। इंदौर रोड टोल के फुटेज चेक करने के दौरान छात्र साइकिल से जाता दिखा। बाद में मरीमाता मार्ग पर छात्र के फुटेज देखे गए। इसके बाद पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और बालक को अपने साथ लाए। उसकी साइकिल जीप में रखी। इंदौर से उज्जैन ले गए जहां परिजनों को बुलाया। बाद में परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने जब छात्र से पूछा तो उसने बताया कि मैं वापस घर नहीं आता, क्योंकि मां मोबाइल पर गेम नहीं खेलने देती। मैं मुंबई चला जाता। पुलिस ने कहा- मुंबई कैसे जाते तो बोला कि मेरी साइकिल से जाता, पैसों की जरूरत पड़ती तो कहीं भी काम कर लेता। मुंबई जाकर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग कोडिंग का काम सीखता। पुलिस ने बालक को समझाया कि 18 साल के हो जाओ, तब ये सब करना, लेकिन अभी मम्मी-पापा जो कहे उसे मानो।
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मां ने कहा-मैंने डांटकर गेम डिलीट करवा दिया था
छात्र की मां ने पुलिस को बताया कि बेटा मोबाइल पर गेम में डूबा रहता था। इसलिए उसे डांटा था व गेम डिलीट कराया था। मुझे क्या पता था वह गुस्सा होकर घर छोड़कर भाग जाएगा। सुबह मेरे साथ तो अच्छे से स्कूल बस स्टॉप के लिए घर से चला था। ये भी बोला था कि मां स्टॉ से तुम साइकिल ले आना। जैसे ही पुल  बस आते दिखी वह साइकिल पलटाकर घर की तरफ गया। मैंने आवाज लगाई तो बोला आ रहा हूं, मुझे लगा कि कॉपी-किताब कुछ भूल गया होगा, जो लेने गया। उसकी बस भी निकल गई लेकिन वह नहीं आया तो उसकी खोजबीन शुरू की। 
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