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Ujjain News: अमावस्या पर कीजिए बाबा महाकाल के दर्शन, भांग और मेवे से किया गया शृंगार, देखते रह गए श्रद्धालु
Fri, 09 Feb 2024 09:36 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 09 Feb 2024 09:36 AM IST
सार
श्री महाकालेश्वर मंदिर में कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल के मस्तक पर आकर्षक मुकुट, अर्पित कर उनका भांग, मावे और आभूषण से श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई।
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भांग और मेवे से किया बाबा महाकाल का शृंगार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर शुक्रवार तड़के बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से जलाभिषेक किया।
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कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर आकर्षक मुकुट, अर्पित कर उनका भांग, मावे और आभूषण से श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूरा होने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित के बाद बाबा महाकाल को रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ साथ सुगन्धित पुष्पों से बनी माला भी अर्पित की गई। जिसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।
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अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। इस दौरान बाबा महाकाल की जय जयकार से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया।
मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इंसान इसी मिट्टी से मिलकर बना है और एक दिन इसी मिट्टी में मिल जाता है। लेकिन, भस्म के जरिए वह भगवान शिव से हमेशा जुड़ा रहता है। इस आरती में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
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