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कच्चे मकान में रहते हैं आदिवासी विधायक सीताराम, चंदा करके जनता बनवा रही है पक्का घर

Mon, 28 Jan 2019 06:22 PM IST
Avdhesh Kumar भाषा, मुरैना
भाषा, मुरैना Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 28 Jan 2019 06:22 PM IST
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Tribal MLA Sitaram lives in a rough shelter house
Seetaram Mla
मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा सीट के आदिवासी भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी (60) गरीबी के चलते अपनी पत्नी के साथ आज भी कच्चे मकान में रहते हैं। स्थानीय लोग नहीं चाहते कि उनका विधायक कच्चे मकान में रहे, लिहाजा लोगों ने आपसी सहयोग से चंदा करके पैसे इकट्ठे किए हैं, जिससे सीताराम का पक्का मकान बनवा रहे हैं। यह बात आपको अचरज में डाल सकती है, मगर हकीकत है। वर्तमान दौर में भी इस राज्य का एक विधायक अपने परिवार के साथ छोटे से कच्चे मकान में रहता है।
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सीताराम ने पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता रामनिवास रावत को शिकस्त दी थी। सीताराम का इस सीट से यह लगातार तीसरा चुनाव था। वह वर्ष 2008 एवं 2013 में रामनिवास रावत (कांग्रेस) से भाजपा की टिकट पर हारे थे।
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उनका रहन-सहन ठेठ गंवई अंदाज का है। इन दिनों वह शाम के समय अपनी झोपड़ी के बाहर खटोली (छोटी खटिया) पर बैठक कर आग तापते नजर आ जाएंगे, तो सुबह में शॉल ओढ़े और धूप सेंकते हुए अपनों की पंचायत करते हैं। यह नजारा आम है। सीताराम श्योपुर जिले के कराहल विकासखंड के पिपरानी गांव के रहने वाले हैं। इसी गांव में अब उनका दो कमरों का छोटा सा पक्का मकान बनाया जा रहा है। उनकी कोई संतान नहीं है।
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मेरे पास पैसा नहीं है, इसलिए अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहता हूं

विधायक सीताराम को चाहने वाले स्थानीय नागरिक धनराज का कहना है कि उन लोगों को अच्छा नहीं लगता कि उनका जनप्रतिनिधि झोपड़ीनुमा घर में रहे। यही कारण है कि उनके चहेतों ने चंदा करके पक्का मकान बनाने की योजना बनाई है और इस पर अमल भी शुरू हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीताराम हमेशा उनके लिए संघर्ष करते रहे हैं। जब जहां जरूरत होती है, वे साथ जाने से नहीं हिचकते। इसीलिए सभी चाहते हैं कि विधायक उनके बीच रहे। यही कारण है कि लोगों ने उनका मकान बनाने के लिए चंदा इकठ्ठा किया है।

वहीं, विधायक सीताराम ने कहा मेरे पास पैसा नहीं है, इसलिए अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहता हूं। लोगों ने सहयोग के तौर पर पक्का मकान बनाने के लिए मुझे 100 से 1000 रुपये दिए हैं। ये पैसे लोगों ने मुझे विजयपुर सीट से जीतने के बाद स्वागत के दौरान दिये। इतना ही नहीं, विजयपुर में मुझे जनता ने सिक्कों से भी तौला है। इस रकम से मकान निर्माण का शुरू कर दिया गया है।

सीताराम की पत्नी इमरती बाई का कहना है कि उनके पति और परिवार लंबे अरसे से संघर्ष करता आ रहा है। अब दिन फिरे हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी स्थिति सुधरेगी और जीवन सुखमय होगा। सीताराम तो जनता के काम को ही अपना काम मानते हैं, इसलिए जनता भी उन्हें अपना मानती है।

वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के लिए सीताराम ने जो शपथ पत्र दिया है, उसके अनुसार उनके पास केवल 46,733 रूपये हैं, जिनमें से 25,000 नकद एवं 21,733 रूपये दो बैंक खातों में हैं। इसके अलावा, उनके पास 2.817 एकड़ जमीन एवं 600 वर्ग फुट की झोपड़ी है, जो उसे विरासत में मिले हैं। इनकी अनुमानित बाजार मूल्य करीब 5,00,000 रूपये है।
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