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Tikamgarh News: स्टोन क्रेसर संचालकों की मनमानी से गांव वाले परेशान, नहीं हो रही कार्रवाई

Wed, 22 May 2024 12:21 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़ Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 22 May 2024 12:21 PM IST
सार

फसलों पर तनी धूल की चादर देखकर यह स्पष्ट हो जाएगा कि यहां के किसानों की जिदगी से किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है। क्रेसर पर होने वाली ब्लास्टिंग के कारण अनेक गरीबों के मकान तबाह हो चुके हैं।

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Tikamgarh News: Villagers upset due to arbitrariness of stone crusher operators, no action is being taken
नियमों का पालन नहीं कर रहे क्रेशर संचालक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टीकमगढ़ जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम नचनवारा, अस्तौन मवई रोड क्रेशर संचालित हैं। इन गांवों में संचालित स्टोन क्रेसरों का कहर किसानों पर बरप रहा है। यहां निवासरत परिवारों के बच्चों पर ब्लास्टिंग का असर पड़ रहा है। कई गरीबों के मकानों की दीवारें दरकने लगी हैं। बर्बाद होती फसलें और दरकते मकानों के बाद भी खनिज माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हजारों-लाखों रुपये की राजस्व हानि के बाद भी खनिज अधिकारी क्रेसर संचालकों पर कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। सुविधा शुल्क के प्रभाव में प्रशासन खनिज माफियाओं के आगे नतमस्तक नजर आ रहा है।  

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लीज से अधिक जमीन पर किया कब्जा 
फसलों पर तनी धूल की चादर देखकर यह स्पष्ट हो जाएगा कि यहां के किसानों की जिदगी से किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है। क्रेसर पर होने वाली ब्लास्टिंग के कारण अनेक गरीबों के मकान तबाह हो चुके हैं। यहां संचालित न्यू स्टोन क्रेसर, आसुतोष स्टोन क्रेसर और एबीएस स्टोन क्रेसर के मालिकों ने लीज से अधिक जमीन पर कब्जा कर रखा है। बताया गया है कि प्रशासन की मौन स्वीकृति के कारण क्रेसर मालिकों ने निर्धारित मापदंड से अधिक खुदाई कर डाली है और किसानों के मकान और खेतों को बर्बाद कर रखा है। गांव के रहने वाले राजकुमार कहते हैं कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई। लेकिन, कोई सुनने वाला नहीं है।
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नियम और निर्देशों का नहीं हो रहा पालन 
जिले के अधिकांश क्रेशर संचालकों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित किए गए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। नियमानुसार डस्ट को बाहर जाने से रोकने के लिए क्रेशर संचालकों को खनन क्षेत्र के तीन ओर बड़ी दीवार बनाने के निर्देश हैं। पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से सघन पौधरोपण क्षेत्र में किया जाना अनिवार्य है। नियम के तहत स्टोन क्रेशर में सिंचाई के लिये खनन क्षेत्र के चारों ओर फब्बारे लगाना और उन्हें चलाना अनिवार्य है, जिससे डस्ट न उड़े। लेकिन, जिले भर में संचालित क्रेशरों में अधिकांश नियमों की अनदेखी की जा रही है।
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इनका कहना है
आपके द्वारा इस विषय में मुझे अवगत कराया गया है कि आपके जिले में स्टोन क्रेसर संचालकों द्वारा नियमों का पालन न करते हुए प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। आपकी जानकारी के आधार पर मैं खुद वहां जाकर जांच पड़ताल करूंगा। यदि, जानकारी सही पाई गई तो गैर जिम्मेदार स्टोन क्रेशर संचालकों के खिलाफ कर्रवाई की जाएगी। 
सतीष कुमार चौकसे, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सागर

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