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MP News: रामलीला के बाद रावण का किरदार निभा रहे कलाकार को आया हार्टअटैक, अस्पताल में दम तोड़ा
Mon, 12 Feb 2024 06:37 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, टीकमगढ़
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, टीकमगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 12 Feb 2024 06:37 PM IST
सार
रामलीला के अंतिम दिन रावण वध की लीला का मंचन हुआ। रामलीला के समापन के बाद रावण का किरदार निभा रहे भोले राजा को सीने में अचानक दर्द होने लगा। स्थानीय लोग निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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टीकमगढ़ में रावण का किरदार निभाने वाले भोले राजा की हार्टअटैक से मौत हो गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
टीकमगढ़ जिले से रामलीला में रावण का किरदार निभाने वाले कलाकार को हार्टअटैक आ गया। गंभीर हालत में गांव के लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रामलीला के अंतिम दिन उन्हें शो खत्म होने के बाद हृदयाघात हुआ।
जानकारी के अनुसार मामला टीकमगढ़ जिले के चैनपुरा बछोड़ा गांव का है। बताया जा रहा है कि दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बछोड़ा चैनपुरा में स्थित मड़िया बाबा मंदिर में 2 से 10 फरवरी तक महायज्ञ, भागवत कथा, संत सम्मेलन और रामलीला का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में रात के समय रामलीला का आयोजन किया जा रहा था। 10 फरवरी की रात करीब 2 बजे रामलीला के अंतिम दिन रावण वध की लीला का मंचन हुआ। रामलीला के समापन के बाद रावण का किरदार निभा रहे भोले राजा को सीने में अचानक दर्द होने लगा। स्थानीय लोग निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्राम पंचायत रतनगुवां के रोजगार सहायक सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि रावण का किरदार निभाने वाले मेरे जीजा हैं। 11 फरवरी को हम लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात को रामलीला के आयोजन का आखिरी दिन था। इसी रात करीब दो बजे रामलीला का समापन किया गया। समापन के बाद रावण का किरदार निभा रहे भोले सिंह ठाकुर निवासी खिसनी कमरे में जाकर कपड़े बदलने लगे। उसी समय उनको अचानक सीने में दर्द होने लगा। कुछ समय में दर्द बढ़ने लगा तो स्थानीय लोग उनको निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर निकले। ग्राम बर्माताल व बावरी के पास वे बेहोश गए। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके मृत शरीर को खिसनी गांव ले गए। जहां रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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एक दिन बाद की मौत की पुष्टि
धार्मिक अनुष्ठान करा रहे समिति के लोगों ने भोला सिंह ठाकुर की मौत की पुष्टि एक दिन बाद की। समिति के लोगों ने कहा कि 10 फरवरी को अनुष्ठान के समापन के बाद 11 तारीख को भंडारे का आयोजन था। माहौल खराब ना हो इसलिए सभी लोगों से झांसी में उपचार की बात कह दी थी। रविवार रात भंडारा हो जाने के बाद समिति के लोगों ने भोला सिंह ठाकुर की मौत की पुष्टि की। भोले राजा निवाड़ी के रहने वाले थे।
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जानकारी के अनुसार मामला टीकमगढ़ जिले के चैनपुरा बछोड़ा गांव का है। बताया जा रहा है कि दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बछोड़ा चैनपुरा में स्थित मड़िया बाबा मंदिर में 2 से 10 फरवरी तक महायज्ञ, भागवत कथा, संत सम्मेलन और रामलीला का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में रात के समय रामलीला का आयोजन किया जा रहा था। 10 फरवरी की रात करीब 2 बजे रामलीला के अंतिम दिन रावण वध की लीला का मंचन हुआ। रामलीला के समापन के बाद रावण का किरदार निभा रहे भोले राजा को सीने में अचानक दर्द होने लगा। स्थानीय लोग निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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ग्राम पंचायत रतनगुवां के रोजगार सहायक सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि रावण का किरदार निभाने वाले मेरे जीजा हैं। 11 फरवरी को हम लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात को रामलीला के आयोजन का आखिरी दिन था। इसी रात करीब दो बजे रामलीला का समापन किया गया। समापन के बाद रावण का किरदार निभा रहे भोले सिंह ठाकुर निवासी खिसनी कमरे में जाकर कपड़े बदलने लगे। उसी समय उनको अचानक सीने में दर्द होने लगा। कुछ समय में दर्द बढ़ने लगा तो स्थानीय लोग उनको निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर निकले। ग्राम बर्माताल व बावरी के पास वे बेहोश गए। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके मृत शरीर को खिसनी गांव ले गए। जहां रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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एक दिन बाद की मौत की पुष्टि
धार्मिक अनुष्ठान करा रहे समिति के लोगों ने भोला सिंह ठाकुर की मौत की पुष्टि एक दिन बाद की। समिति के लोगों ने कहा कि 10 फरवरी को अनुष्ठान के समापन के बाद 11 तारीख को भंडारे का आयोजन था। माहौल खराब ना हो इसलिए सभी लोगों से झांसी में उपचार की बात कह दी थी। रविवार रात भंडारा हो जाने के बाद समिति के लोगों ने भोला सिंह ठाकुर की मौत की पुष्टि की। भोले राजा निवाड़ी के रहने वाले थे।
