Crime: तीन चिताओं की आग शांत नहीं हुई कि MP के दमोह में दलित युवकों पर फिर चली गोलियां, एक की हालत गंभीर
मध्यप्रदेश में दमोह जिले के देवरान में 25 अक्टूबर को छेड़छाड़ के विवाद पर दलित परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीनों चिताओं की आग शांत नहीं हुई कि एक बार फिर तीन दलित युवकों पर गोलियों की बरसात की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दमोह जिले के देहात थाना अंतर्गत कोरांसा बरवांसा गांव में सोमवार शाम गोलीकांड की घटना घटित हुई। एक युवक गोली लगने से घायल हुआ है और उसके दो साथियों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया है। तीनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां गोली लगने से घायल युवक को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर कर दिया गया है।
वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। घटना में घायल हुए राकेश अहिरवार ने बताया, वह अपने साथी राजकुमार अहिरवार और एक अन्य के साथ दमोह की ओर बाइक से आ रहा था। इसी दौरान बरवांसा गांव की मुख्य सड़क पर आरोपी धरम वीर राजपूत, रमेश राजपूत, नरेश राजपूत और सुनील अहिरवार ने राजकुमार अहिरवार पर गोली चला दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपियों ने उन दोनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और मौके से भाग गए।
तत्काल ही पुलिस को सूचना मिली और घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां गोली में घायल राजकुमार पिता गोपाल अहिरवार (30) की हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है और उसके दो साथियों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी मिलते ही मौके पर सीएसपी अभिषेक तिवारी और टीआई दमोह देहात अमित मिश्रा पहुंच गए हैं। घटना के पीछे पुराना विवाद बताया गया है। राकेश अहिरवार ने बताया, आरोपियों से पुराना विवाद है। उसका भाई मारपीट के मामले में जेल में बंद हैं। देवरान के तीहरे हत्याकांड कांड का मामला शांत नहीं हुआ था कि बरवांसा गांव में दलित समाज के ऊपर गोली चलने से मामला फिर गरमा गया है।
