{"_id":"5d8ae2b48ebc3e01376a9545","slug":"thief-wrote-letter-to-god-asking-him-to-forgive-all-crimes-then-stole-money-from-donation-box","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोर ने भगवान को चिट्ठी लिख सारे गुनाह माफ करने को कहा, फिर दान पेटी चुरा ले गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोर ने भगवान को चिट्ठी लिख सारे गुनाह माफ करने को कहा, फिर दान पेटी चुरा ले गया
Wed, 25 Sep 2019 09:27 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 25 Sep 2019 09:27 AM IST
सार
- चोर ने चिट्ठी लिख भगवान से गुनाह माफ करने की विनती की।
- इसके बाद चोर ने मंदिर की दान पेटी से पैसे चुराकर भाग गया।
- चिट्ठी में 500 रुपये दान करने को भी कहा ।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के सारनी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां चोर ने चोरी करने के अपने पापों के लिए माफी मांगी और फिर मंदिर की दान पेटी को तोड़कर हजारों रुपये उड़ा ले गया। दरअसल, सारनी शहर के राधाकृष्णन वार्ड के हनुमान मंदिर से एक चोर ने दान पेटी तोड़कर हजारों रुपयों की चोरी कर ली।
विज्ञापन
वहीं, चोरी से पहले चोर ने भगवान के नाम से एक चिट्ठी भी लिखी है। उसने अपनी चिट्ठी में सारे गुनाहों को माफ करने की बात लिखी है। चोर ने चिट्ठी में कहा कि वह परेशान होने के कारण अपराध कर रहा है। यह चिट्ठी दानपेटी के पास ही रखी मिली है।
विज्ञापन
मंगलवार को जब श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर आए तो उन्होंने मंदिर की दान पेटी टूटी हुई देखी, फिर दान पेटी के पास यह चिट्ठी देखी। बताया गया है कि मंदिर सार्वजनिक है, यहां कोई पुजारी नियुक्त नहीं है। चोरी की घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में गुस्से का माहौल है।
विज्ञापन
मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि मंदिर की दान पेटी पिछले तीन सालों से नहीं खोली गई थी। पेटी में लगभग 40 से 50 हजार रुपये नकद राशि हो सकती है। लोगों ने बताया कि इससे पहले भी मंदिर में हनुमान की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों ने नुकसान पहुंचाया था।
वहीं, चोर ने चिट्ठी में लिखा था कि हे भगवान, मैंने जो भी गलती अभी तक की है, उसके लिए आपने क्षमा किया है। आज से मैं अपने इन कार्यों को पूरी तरह छोड़ दूंगा। भगवान धर्म खातिर और आई, पापाजी के लिए आपको आना ही होगा। अगर सब कुछ ठीक हो जाता है तो मैं समझूंगा, आपने मुझे आखिरी मौका दिया है। भगवान अब अगर सब कुछ ठीक हो गया तो मैं आपके किसी भी मंदिर में 500 रुपये दान करुंगा।
