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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The entire Kashmir including PoK should be an integral part of India said Digvijay

'कश्मीर में शांति के लिए ईश्वर से दुआ करने के सिवाय हमारे पास अब कोई विकल्प नहीं'

Wed, 14 Aug 2019 09:25 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 14 Aug 2019 09:25 AM IST
सार

  • दिग्विजय सिंह ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पीओके सहित पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए
  • दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो
  • दिग्विजय ने कहा कि पूरे तरीके से अटलजी की जो कश्मीर पर पॉलिसी थी उसका नरेंद्र मोदीजी ने ठुकरा दिया

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The entire Kashmir including PoK should be an integral part of India said Digvijay
दिग्विजय सिंह - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) सहित पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए।

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जम्मू-कश्मीर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने भोपाल में आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कहा कि हम तो चाहते हैं कि कश्मीर भारत में रहे। उन्होंने कहा कि पीओके सहित पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए। दिग्विजय से सवाल किया गया था कि आपको क्या लग रहा है कश्मीर आजाद हो जाएगा या पाकिस्तान में चला जाएगा?
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हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो और भाईचारा बना रहे: दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो और हजारों वर्षों से चला आ रहा भाईचारा बना रहे। उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर से दुआ करने के सिवाय हमारे पास अब कोई विकल्प नहीं है।
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जब उनसे सवाल किया गया कि अनुच्छेद 370 पर दिए गए उनके बयानों से आम जनता आक्रोशित है और क्या उनको यह नहीं लगता कि वह अलोकप्रिय हो रहे हैं, तो इस पर दिग्विजय ने कहा कि एक बात समझ लीजिए कि जो सच्चाई के रास्ते पर चलता है उसे पत्थर खाने की आदत होनी चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा कि ईसा मसीह भी (शूली पर) टांग दिये गये थे, प्रोफेट मोहम्मद को भी लोगों का विरोध झेलना पड़ा था, महात्मा गांधी की भी हत्या कर दी गई थी, अब्राहम लिंकन को भी गोली मार दी गई थी, मार्टिन लूथर किंग को भी गोली मार दी गई थी।

कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानों पर पूछे गए सवाल के जवाब में दिग्विजय ने कहा कहा कि राहुल की लाइन कांग्रेस की लाइन है। हम सब उसी लाइन को फॉलो कर रहे हैं। 

जम्मू-कश्मीर पर वाजपेयी की नीति को मोदी ने ठुकरा दिया: दिग्विजय 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीति थी कि जम्हूरियत, कश्मीरियत एवं इंसानियत के रास्ते से ही कश्मीर का हल ढ़ूंढा जा सकता है, लेकिन इन तीनों चीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठुकरा दिया।

दिग्विजय ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना न जम्हूरियत के हिसाब से तय हुआ, न कश्मीरियत के हिसाब से इसका फैसला हुआ, न इंसानियत के तरफ से फैसला हुआ। इसलिए पूरे तरीके से अटलजी की जो कश्मीर पर पॉलिसी थी उसका नरेंद्र मोदीजी ने ठुकरा दिया। 

उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने के बाद सरकार कहती है कि कहीं अशांति नहीं है, लेकिन खबरें अलग-अलग तरह की आ रही हैं।

कश्मीर के लोगों को विश्वास में लिए बिना उन्होंने जो फैसला लिया, वह सही नहीं था। यह समस्याओं को बढ़ाएगा। यह मत भूलो कि एक तरफ चीन है, दूसरी तरफ पाकिस्तान है, अफगानिस्तान भी है। सोचिये आपने देश को किस मुसीबत में डाला है।

आरएसएस ब्रिटिश हुकुमत का साथ दे रहे था, उसने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था: दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 1947 से पहले ब्रिटिश हुकुमत का साथ दे रहा था और उसने भारत छोड़ो आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि कश्मीर सहित जूनागढ़ और हैदराबाद को क्या भाजपा और आरएसएस ने देश में विलय किया? दिग्विजय ने कहा कि क्या कश्मीर को भारत का अंग बनाने में आरएसएस या बीजपी का हाथ रहा? 


साथ ही उन्होंने कहा कि ये (आरएसएस एवं भाजपा नेता) तो सन 1947 के पहले ब्रिटिश हुकुमत का साथ दे रहे थे और इन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में (महात्मा) गांधी जी का विरोध किया।

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