भय्यूजी महाराज खुदकुशी मामले में पुलिस की जांच जारी है। अब तक की जानकारी से यही मालूम है कि भय्यूजी महाराज के आखिरी सात दिन बहुत तनाव में गुजरे। करोड़ों की संपत्ति के मालिक भय्यूजी आर्थिक तंगी से भी गुजर रहे थे। जिसके बाद उन्होंने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हालांकि अब उनके अनुयायी उनके खुशकुशी पर संदेह जता रहे हैं।
भय्यूजी महाराज की खुदकुशी पर सवाल उठाया, पुलिस ने कहा- गन शॉट रेसिड्यू की जांच की जा रही है
पुलिस ने सेवादार शेखर शर्मा उर्फ पंडित, ड्राइवर शरद सेवलकर, नर्स गीता और बचपन से साथी मनोहर सोनी से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। पुलिस के मुताबिक शेखर ने अपने बयान में बताया कि कुहू और डॉ. आयुषी में का रिश्ता विवाद भरा था। हर बात पर उनकी तू-तू मैं-मैं होती थी। कुहू ने डॉ. आयुषी की तस्वीर फेंक दी थी। गुस्से में डॉ. आयुषी ने भी भय्यूजी की पहली पत्नी माधवी की तस्वीरों को घर से हटा दिया था। मनोहर ने कुहू और डॉ. आयुषी के तनाव भरे संबंध की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बेटी और दूसरी पत्नी के संबंधों की कड़वाहट भय्यूजी महाराज की जिंदगी में घुल गई थी जिससे वे तनाव में रहने लगे थे। ड्राइवर शरद ने बताया कि भय्यूजी महाराज जब भी बाहर जाते थे उसे ही साथ ले जाते थे।
परिवार ने बैठक कर बयान देने पर प्रतिबंध लगाया
सूर्योदय आश्रम और घर में चल रही कलह के सार्वजनिक होने के बाद गुरुवार रात श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट के पदाधिकारी और परिजनों की एक गुप्त बैठक की। जिसमें बड़े बुजुर्गों ने कुहू और डॉ. आयुषी को काफी समझाया और विवाद सुलझाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर इस कलह को पहले ही खत्म कर लिया जाता तो भय्यूजी महाराज मौत को गले नहीं लगाते। उनकी मौत के बाद समाज में बड़ी बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस विवाद के बारे में मीडिया तरह-तरह की खबरें छाप रही है। वरिष्ठों ने घरवालों को समझाया कि उनके बिना सोचे समझे कोई भी बयान देने से पुलिस किसी को भी फंसा सकती है।
इस बैठक में तय हुआ कि कुहू और डॉ.आयुषी, रिश्तेदार, आश्रम के सेवादार और कर्मचारी कोई भी बयान नहीं दें। श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास की ओर से शुक्रवार शाम बाकायदा बयान जारी कर कहा गया कि भय्यूजी महाराज सामाजिक और सेवाभावी नेतृत्व करने वाले रहे हैं। उनके विचार और कार्य सदैव असामान्य रहे और सामान्य लोगों की समझ के बाहर रहे हैं। उनके आकस्मिक निधन से सभी को आघात लगा है। पुलिस उच्चस्तरीय जांच कर रही है इसलिए जांच के बाद ही आश्रम या परिवार की ओर से कुछ कहा जा सकेगा।
