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करोड़ों देकर भी विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
भोपाल/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 19 Dec 2012 12:30 PM IST
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निजी कॉलेज ने करोड़ों की कमाई के बाद विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका दिया है। निजी कॉलेज ने प्रोविजनल एडमिशन देकर छह हाजर से ज्यादा विद्यार्थियों से नौ करोड़ से ज्यादा की फीस वसूल की। अब विश्वविद्यालय ने इन्हें परीक्षा में बैठाने से मना कर दिया है।
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फीस लेने के बावजूद भी कॉलेज ने प्रोविजनल एडमिशन वाले विद्यार्थियों को एडमिशन के संबंध में कोई बात नहीं बताई। ठगा से महसूस कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज संचालकों ने मोटी फीस तो ले ली, लेकिन परीक्षा में बैठाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
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सत्र की शुरूआत में ही उच्च शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने वाले विद्यार्थियों को नियमित विद्यार्थी के तौर पर प्रवेश देने के निर्देश दिये थे। इनमें से किसी भी विद्यार्थी ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। इसके बावजूद विद्यार्थियों को कॉलेज ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अपने स्तर पर प्रवेश दे दिया। इन प्रवेशों को उच्च शिक्षा विभाग ने मान्यता देने से इंकार कर दिया है। प्राइवेट कॉलेजों ने प्रवेश के लिए औसतन 15 हजार रुपए फीस हर छात्र से वसूली है।
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