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बुरहानपुर में छात्र ने की आत्महत्या: सुसाइड नोट में लिखा- पढ़ता तो हूं पर भूल जाता हूं, पापा मुझे माफ करना
Sat, 12 Mar 2022 08:19 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 12 Mar 2022 08:19 PM IST
सार
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र के पास सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने भूलने की बीमारी का जिक्र किया है। उसी से परेशान होकर उसने जान देने की बात लिखी है। उसने लिखा है कि पापा मुझे माफ कर देना, मैं आपके सपने पूरे नहीं कर सकता।
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नेपानगर में एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नेपानगर में छात्र के फांसी लगाने का मामला सामने आया है। बच्चे पर पढ़ाई का दबाव था, जिसे उसने सुसाइड नोट में लिखी बातों के जरिए बयां किया है। उसका सुसाइड नोट मार्मिक है। उसने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है। साथ ही किसी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं बताया है।
नेपानगर पुलिस ने बताया कि सुबह वार्ड क्रमांक 14 में स्थित आदिवासी छात्रावास से सूचना मिली थी कि छात्र ने फांसी लगा ली है। छात्र ने शुक्रवार रात जान दी है। मृतक छात्र कक्षा 9 में पढ़ता था। धूलकोट के उतंम्बी का रहने वाला था। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने कमरे की तलाशी में एक सुसाइड नोट जब्त किया।
नाबालिग छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं अपनी मर्जी से मर रहा हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। मैं अपनी बीमारी की वजह से मर रहा हूं। मेरी बीमारी भूलने वाली बीमारी है। जिससे मैं अपने माता-पिता और मेरे पर विश्वास करने वालों का सपना पूरा नहीं कर सकता हूं। या बीमारी का सबूत मेरे पहली स्कूल मेरा हमेशा पहला आना और इस स्कूल में मेरा लास्ट आना है। इसकी वजह मेरी पढ़ाई है जो मैं करता तो हूं पर याद करा हुआ भूल जाता हू। मुझे माफ करना पाप, आप सपना मैं पूरा नहीं कर सकता हूं। मैं कुछ नहीं कर सकता तो किस काम की मेरी जिंदगी। लव यू पापा, आप जैसा पापा मुझे मिला यही मेरी किस्मत थी। आपका बेटा हमेशा आपका सपना पूरा करने वाला होना चाहिए। लव यू पापा
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छात्र के पास मिले सुसाइड नोट से उसकी स्थिति का आकलन किया जा सकता है कि वो कितने दबाव में था। उसने सुसाइड नोट लिखने के बाद रात को ही फांसी लगा ली जिसे सुबह अन्य छात्रों ने देखा। मृत छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस वक्त उनके बेटे ने फांसी लगाई उस वक्त छात्रावास में छात्रावास अधीक्षक या कोई अन्य शिक्षक मौजूद नहीं था। अगर वे मौके पर मौजूद होते तो छात्र को बचाया जा सकता था।
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नेपानगर पुलिस ने बताया कि सुबह वार्ड क्रमांक 14 में स्थित आदिवासी छात्रावास से सूचना मिली थी कि छात्र ने फांसी लगा ली है। छात्र ने शुक्रवार रात जान दी है। मृतक छात्र कक्षा 9 में पढ़ता था। धूलकोट के उतंम्बी का रहने वाला था। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने कमरे की तलाशी में एक सुसाइड नोट जब्त किया।
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नाबालिग छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं अपनी मर्जी से मर रहा हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। मैं अपनी बीमारी की वजह से मर रहा हूं। मेरी बीमारी भूलने वाली बीमारी है। जिससे मैं अपने माता-पिता और मेरे पर विश्वास करने वालों का सपना पूरा नहीं कर सकता हूं। या बीमारी का सबूत मेरे पहली स्कूल मेरा हमेशा पहला आना और इस स्कूल में मेरा लास्ट आना है। इसकी वजह मेरी पढ़ाई है जो मैं करता तो हूं पर याद करा हुआ भूल जाता हू। मुझे माफ करना पाप, आप सपना मैं पूरा नहीं कर सकता हूं। मैं कुछ नहीं कर सकता तो किस काम की मेरी जिंदगी। लव यू पापा, आप जैसा पापा मुझे मिला यही मेरी किस्मत थी। आपका बेटा हमेशा आपका सपना पूरा करने वाला होना चाहिए। लव यू पापा
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छात्र के पास मिले सुसाइड नोट से उसकी स्थिति का आकलन किया जा सकता है कि वो कितने दबाव में था। उसने सुसाइड नोट लिखने के बाद रात को ही फांसी लगा ली जिसे सुबह अन्य छात्रों ने देखा। मृत छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस वक्त उनके बेटे ने फांसी लगाई उस वक्त छात्रावास में छात्रावास अधीक्षक या कोई अन्य शिक्षक मौजूद नहीं था। अगर वे मौके पर मौजूद होते तो छात्र को बचाया जा सकता था।
