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स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर: न बेड.. न स्टेचर..एमपी में जमीन पर लिटाकर की जा रही है महिलाओं की नसबंदी
Sat, 10 Dec 2022 10:38 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sat, 10 Dec 2022 10:38 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से एक बार फिर प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य की तस्वीर सामने आई है। यहीं टारगेट पूरा करने के लिए नसबंदी शिविर में महिलाओं की जमीन पर लिटाकर नसबंदी की जा रही है।
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जमीन पर लिटाकर महिलाओं की नसबंदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में महिला नसबंदी शिविर की शर्मनाक तस्वीरें सामने आई है। जिम्मेदारों ने अस्पताल में बेड और स्ट्रेचर के इंतजाम करने की बजाए जमीन पर लिटाकर महिलाओं की नसबंदी कर दी। नौ डिग्री टेंपरेचर के बीच महिलाएं ठंड से ठिठुरती रही लेकिन, जिम्मेदारों ने रजाई-गद्दे तक के इंतजाम नहीं किए। अब आरोप लग रहे हैं कि टारगेट को पूरा करने के चक्कर में बदहाल इंतजामों के बीच यह शिविर आयोजित किया गया है।
मामला जिला मुख्यालय से 150 किलोमीटर दूर विजयपुर के सामुदायिक अस्पताल का है, जहां दो दिवसीय महिला नसबंदी शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 77 महिलाओं की नसबंदी की जा चुकी है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस शिविर में महिलाओं को लिटाने के लिए न तो बैड हैं, न उन्हें लाने ले जाने के लिए स्ट्रेचर और एंबुलेंस के इंतजाम, इन हालातों में महिलाओं को जमीन पर लेटा कर उनकी नसबंदी की जा रही है। महिलाओं को लाने ले जाने का काम उनके परिजन कर रहे हैं। स्ट्रेचर नहीं होने की वजह से नसबंदी कराने वाली महिलाओं को उनके महिला और पुरुष परिजन हाथ पैर पकड़ कर और गोदी में उठा कर गाड़ियों तक पहुंचा रहे हैं। इस खींचतान में महिलाओं को चोट भी लग सकती है और उनकी जान को भी जोखिम हो सकता है लेकिन, जिम्मेदारों को उनकी जान से ज्यादा सिर्फ टारगेट पूरा करने की परवाह है।
ठंड से ठिठुरती रही महिलाएं
नसबंदी शिविर में विजयपुर अस्पताल में बेड के इंतजाम नहीं होने की वजह से महिलाओं को जमीन पर लिटाया गया। इस दौरान उनके लिए गद्दा-रजाई तक के इंतजाम नहीं किए गए। इस वजह से महिलाएं ठंड से ठिठुरती रही, बाद में परेशान परिजनों ने किराए पर कंबल आदि के इंतजाम करके जमीन पर पड़ी महिलाओं को कंबल उड़ाया। बीती रात तो बिजली नहीं होने की वजह से अंधेरे में महिलाओं का उपचार किया गया। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही की सारी हदें पार करके यह शिविर आयोजित किया। इंतजामों की कमी की वजह से किसी भी महिला की जान पर भी बन सकती है।
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टारगेट पूरा करने लापरवाही की इंतहा
विजयपुर के नसबंदी शिविर में श्योपुर से आए दो डॉक्टर दिन-रात नसबंदी करने में जुटे हैं। यानि यह कहा जा सकता है कि वह नियमों से ऊपर हटकर और अपनी कैपेसिटी से भी कई गुना ज्यादा नसबंदी कर चुके हैं। इसके बारे में महिलाओं के परिजनों का कहना है कि यहां व्यवस्था के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है, महिलाओं को जमीन पर लिटाया जा रहा है, स्ट्रेचर तक नहीं है। बहुत परेशानी आ रही है। इस बारे में सीएमएचओ डॉ बीएल यादव से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है क्योंकि वह नसबंदी करने में व्यस्त हैं।
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मामला जिला मुख्यालय से 150 किलोमीटर दूर विजयपुर के सामुदायिक अस्पताल का है, जहां दो दिवसीय महिला नसबंदी शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 77 महिलाओं की नसबंदी की जा चुकी है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस शिविर में महिलाओं को लिटाने के लिए न तो बैड हैं, न उन्हें लाने ले जाने के लिए स्ट्रेचर और एंबुलेंस के इंतजाम, इन हालातों में महिलाओं को जमीन पर लेटा कर उनकी नसबंदी की जा रही है। महिलाओं को लाने ले जाने का काम उनके परिजन कर रहे हैं। स्ट्रेचर नहीं होने की वजह से नसबंदी कराने वाली महिलाओं को उनके महिला और पुरुष परिजन हाथ पैर पकड़ कर और गोदी में उठा कर गाड़ियों तक पहुंचा रहे हैं। इस खींचतान में महिलाओं को चोट भी लग सकती है और उनकी जान को भी जोखिम हो सकता है लेकिन, जिम्मेदारों को उनकी जान से ज्यादा सिर्फ टारगेट पूरा करने की परवाह है।
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ठंड से ठिठुरती रही महिलाएं
नसबंदी शिविर में विजयपुर अस्पताल में बेड के इंतजाम नहीं होने की वजह से महिलाओं को जमीन पर लिटाया गया। इस दौरान उनके लिए गद्दा-रजाई तक के इंतजाम नहीं किए गए। इस वजह से महिलाएं ठंड से ठिठुरती रही, बाद में परेशान परिजनों ने किराए पर कंबल आदि के इंतजाम करके जमीन पर पड़ी महिलाओं को कंबल उड़ाया। बीती रात तो बिजली नहीं होने की वजह से अंधेरे में महिलाओं का उपचार किया गया। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही की सारी हदें पार करके यह शिविर आयोजित किया। इंतजामों की कमी की वजह से किसी भी महिला की जान पर भी बन सकती है।
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टारगेट पूरा करने लापरवाही की इंतहा
विजयपुर के नसबंदी शिविर में श्योपुर से आए दो डॉक्टर दिन-रात नसबंदी करने में जुटे हैं। यानि यह कहा जा सकता है कि वह नियमों से ऊपर हटकर और अपनी कैपेसिटी से भी कई गुना ज्यादा नसबंदी कर चुके हैं। इसके बारे में महिलाओं के परिजनों का कहना है कि यहां व्यवस्था के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है, महिलाओं को जमीन पर लिटाया जा रहा है, स्ट्रेचर तक नहीं है। बहुत परेशानी आ रही है। इस बारे में सीएमएचओ डॉ बीएल यादव से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है क्योंकि वह नसबंदी करने में व्यस्त हैं।
